सीधी। जिले की ग्राम पंचायत भेलकी-822 में रविवार सुबह कलेक्टर विकास मिश्रा ने ग्राम चौपाल लगाकर स्थानीय किसानों, पशुपालकों और ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। दुग्ध उत्पादन समिति की संगोष्ठी के दौरान कलेक्टर ने कहा कि पशुपालन को पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़ाकर व्यावसायिक दृष्टिकोण अपनाना होगा। दुग्ध उत्पादन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और किसानों की आय दोगुनी करने का सबसे प्रभावी माध्यम बताते हुए उन्होंने ग्रामीणों को बेहतर नस्ल के मवेशी पालने, आधुनिक तकनीक के प्रयोग और दुग्ध उत्पादों के व्यापार से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।
चौपाल में मौजूद पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को मवेशियों के स्वास्थ्य परीक्षण, सामयिक टीकाकरण, संतुलित पशु आहार और रखरखाव की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही विभिन्न सरकारी योजनाओं और मिलने वाले प्रोत्साहनों के बारे में बताया गया। कलेक्टर के सुझाव और विभागीय जानकारी के बाद ग्रामीणों ने गांव में संगठित रूप से काम करने के लिए दुग्ध उत्पादन समिति गठित करने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया।
इस दौरान ग्राम चौपाल में ग्रामीणों ने सड़क, पेयजल और बिजली से जुड़ी अपनी करीब 20 से अधिक समस्याएं भी कलेक्टर के समक्ष रखीं। कलेक्टर ने मौके पर मौजूद संबंधित विभागीय अधिकारियों को इन समस्याओं का शीघ्र निराकरण करने के कड़े निर्देश दिए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, पशुपालक, स्थानीय ग्रामीण और विभिन्न विभागों के प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

