एमपी वेदर। अगस्त माह के साथ ही सावन का महीना भी शुरू हो गया है। ऐसे में अब मानसून की चाल बदल रही है। मौसम विभाग के अनुसार जिस तरह से मानसून की स्थित बन रही है उससे मध्यप्रदेश में एक बार फिर जोरदार बारिश का दौर शुरू हो सकता है। खास तौर से उत्तर और पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों में भारी वर्षा को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।
अब तक एमपी में 13 प्रतिशत कंम बारिश
मध्य प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक 15.7 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। हालांकि यह आंकड़ा सामान्य औसत से कम है। प्रदेश में इस समय तक औसतन 18.1 इंच बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन अभी तक करीब 2.4 इंच कम बारिश हुई है। यानी इस बार अब तक प्रदेश में लगभग 13 प्रतिशत कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है।
राजस्थान के ऊपर बना निम्न दाब, गुजर रही मानसूनी द्रोणिका
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इस समय राजस्थान के ऊपर बना निम्न दाब क्षेत्र और प्रदेश से गुजर रही मानसूनी द्रोणिका मौसम को प्रभावित कर रही है, हालांकि इनका असर सीमित है, जिसकी वजह से दो दिनों तक भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर समेत अधिकांश जिलों में कहीं हल्की तो कहीं मध्यम बारिश होने के आसार हैं।
4-5 अगस्त को इन जिलों में भारी बारिश
4 अगस्त को छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, सीधी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. वहीं, 5 अगस्त को निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज में चेतावनी जारी की गई है.
43 जिले अभी सामान्य से कम वर्षा
प्रदेश में मानसून सक्रिय रहने के बावजूद 43 जिले अब भी सामान्य से कम वर्षा वाले हैं, जबकि केवल 12 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज हुई है। मौसम विभाग के अनुसार जून में वर्षा सामान्य से 14 प्रतिशत कम रही थी। जुलाई के अंतिम सप्ताह में बारिश तेज होने के बावजूद पूरे महीने का आंकड़ा सामान्य से करीब 13 प्रतिशत नीचे ही रहा।

