रीवा। रीवा की चोरहटा से रतहरा तक बनी लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत वाली मॉडल सड़क अपनी बदहाली को लेकर लगातार विवादों में है। कई बार पैचवर्क और सुधार के दावों के बावजूद यह फोरलेन कंक्रीट सड़क जगह-जगह से धंस चुकी है और गहरे गड्ढों व कीचड़ में तब्दील हो गई है।
ज्ञात हो कि यह शहर की लाइफ लाइन सड़क मार्ग है। जिससें रीवा शहर ही नही बल्कि दूसरे जिलों के लिए के यात्रियों के लिए यह सुगम मार्ग होने के कारण हर समय वाहनों का दबाब रहता है। इन दिनों इस सड़क से जो भी गुजरता उसके जुबान से सड़क निर्माण में भष्टाचार पर गुस्सा साफ दिख जाता है।
कॉलेज चौराहे पर धरना
सड़क की खस्ताहाल स्थिति और भ्रष्टाचार के खिलाफ एक युवक कॉलेज चौराहे पर धरने पर बैठ गया, जिसने जिम्मेदारों से सीधे जवाब मांगा। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो वायरल होने के बाद यह मुद्दा पूरे विंध्य क्षेत्र में गरमा गया है।
जलभराव और कीचड़ का साम्राज्य
हल्की बारिश होते ही कंक्रीट रोड पर गहरे तालाब बन रहे हैं। रीवा के नागरिक धूल, कीचड़ और उड़ने वाले डस्ट की वजह से सांस और अन्य बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। तो वही हिचकोले खाते निकलने वाले वाहन कई बार गहरी खाई के बीच फस रहे है।
मिट्टी-गिट्टी की लीपापोती
स्थानीय लोगों और विपक्षी संगठनों (जैसे यूथ कांग्रेस) का आरोप है कि प्रशासन केवल गड्ढों में मिट्टी और गिट्टी डलवाकर औपचारिकता पूरी कर देता है, जो पहली ही बारिश में बह जाती है और रास्ता चलने लायक नहीं बचता। बीहर पुल से लेकर रेलवे स्टेशन और ढेकहा तिराहे के बीच का सफर सबसे खतरनाक हो गया है, जहां रोजाना दोपहिया वाहन चालक फिसलकर चोटिल हो रहे हैं।
प्रशासन की कार्रवाई
रीवा के खस्ताहाल सड़क को लेकर बढ़ते जनआक्रोश को देखते हुए रीवा संभाग के कमिश्नर ने लोक निर्माण विभाग और निर्माण एजेंसियों पर कड़ी नाराजगी जताते हुए निर्देश दिए हैं कि गारंटी पीरियड से पहले खराब होने वाली सड़कों की तुरंत मरम्मत की जाए और समय पर काम न करने वाले ठेकेदारों को ब्लैक लिस्ट कर उन पर पेनल्टी लगाई जाए।
सुधार कार्यों में महज औपचारिकता
सड़कों के सुधार कार्य में महज औपचारिकता निभाई जाती है। लोगों का कहना है कि एक तो शहर के अंदर जगह-जगह जो गड्ढे बन गए हैं वह सड़क निर्माण में गुणवत्ता का अभाव है। इसके बाद अब जब गड्ढों को सुधारने की स्थिति आती है तो उसमें महज औपचारिकता निभाई जाती है। यह एक ऐसा मार्ग है जिसमें प्रतिदिन पैदल व वाहनों से हजारों लोग गुजरते हैं। पूरा मार्ग व्यस्त रहता है। सुबह से लेकर देर रात तक इस मार्ग से लोगों का आना-जाना होता है। ऐसे मार्ग के सुधार कार्य में की जा रही हीलाहवाली लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है।

