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तेंदुआ की बढ़ती संख्या बन रही समस्या, यूपी में करवाई जाएगी नशबंदी, ऐसा है प्लान

यूपी। फूर्तिला वान्य प्राणी तेंदुआ की बढ़ती संख्या और आ रही समस्या को देखते हुए यूपी में तेदुआ की नसबंदी कराए जाने की योजना तैयार की जा रही है। जिससे इस खूखांर वान्य जीव की जनसख्यां को नियंत्रित किया जा सकें, क्योकि बिजनौर समेत तमाम क्षेत्र तेंदुओं के आतंक से बुरी तरह प्रभावित हैं. यही कारण है कि अब वन विभाग उत्तर प्रदेश में तेंदुओं की नसबंदी का प्लान तैयार कर रहा है।

तेजी से बढ़ रही है तेदुआ की आबादी

जो जानकारी आ रही है उसके तहत हर साल लगभग 100 तेंदुए बढ़ रहे हैं जिससे ग्रामीण इलाकों में इंसानों पर तेंदुओं के हमले बढ़ गए हैं। मानव और तेदुआ के संघर्ष की बढ़ती घटनाओं को चलते अब यूपी में नसबंदी अभियान पर विचार शुरू हो गया है और इस अभियान की शुरुआत बिजनौर जिले से होगी, दरअसल यहां के गन्ना के खेतों में तेंदुओं का मूमेंट तेजी से बढ़ रहा है और किसानों एवं ग्रामीणों के लिए यह वन्य जीव समस्या उत्पन्न कर रहा है।

अकेले यूपी में लगभ 3 सैकड़ा तेदुआ

जो जानकारी आ रही है उसके तहत अकेले उत्तर-प्रदेश में तेदुआ की संख्या लगभग 3 सैकड़ा के आसपास पहुच रही है, जबकि 3 वर्ष पहले तक केवल 92 तेदुआ थे। देश भर में 13,874 की संख्या में यह वन्य जीव पाया जा रहा है और इसकी संख्या लगातार बढ़ रही है। नसबंदी का मुख्य उद्देश्य इनकी प्रजनन दर को नियंत्रित करना है. वन विभाग के जिम्मेदारों के मुताबिक तेंदुओं को पकड़कर उनकी नसबंदी की जाएगी और फिर उन्हें वापस उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया जाएगा। ज्ञात हो कि इससे पहले महाराष्ट्र में तेदुआ की नशबंदी की गई थी। उसी तर्ज पर यूपी में नशबंदी का जो प्लान तैयार किया जा रहा है उसके तहत 5 वर्ष में 75 फीसदी तेदुओं की नशबंदी करने की योजना है।

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