भोपाल। मध्यप्रदेश के अस्पतालों में रिक्त पड़े नर्सिंग, एएनएम और अन्य तकनीकी संवर्गों की भर्ती किए जाने के लिए उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय भोपाल में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की वृहद समीक्षा किए है। उन्होने निर्देश दिए है कि भर्ती प्रक्रियाओं को प्राथमिकता के साथ पूर्ण किया जाए, ताकि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और मानव संसाधन सुदृढ़ हो सकें। उन्होंने उपकरणों की खरीदी प्रक्रिया और अधोसंरचना विकास कार्यों की समीक्षा की। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव संदीप यादव और आयुक्त तरुण राठी उपस्थित रहे।
शुरू की जा रही है भर्ती प्रक्रिया
उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने विभाग में विभिन्न पदों पर की जा रही भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा की और समय अनुसार पदपूर्ति की कार्यवाही पूर्ण करने के निर्देश दिए। बताया गया कि वर्ष 2023 में रिक्त 515 पदों पर प्रतीक्षा सूची से काउंसलिंग की प्रक्रिया 13 अक्टूबर से प्रारंभ की गई है, वर्ष 2024 की 972 पदों पर भर्ती कार्यवाही वर्ष 2023 की प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत की जाएगी। नर्सिंग संवर्ग के लगभग 1260 पदों के लिए नियम संशोधन का प्रस्ताव वित्त विभाग को प्रेषित किया गया है। चिकित्सा महाविद्यालयों में नर्सिंग के लगभग 1000 पदों तथा नर्सिंग ट्यूटर (टीचर्स) के कुल 711 पदों (328 $ 383) की भर्ती संबंधी प्रस्तावों पर विभागीय स्तर पर कार्यवाही प्रगति पर है। सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों में मेडिकल टीचर्स के वेतन-भत्तों में वृद्धि, नर्सिंग कॉलेजों में शिक्षकों की भर्ती शीघ्र पूर्ण करने और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा कर उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने दिशानिर्देश दिए।
रीवा जिला चिकित्सालय में तैयार होगे 225 नये पद
उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने रीवा जिला चिकित्सालय में 200 बेड उन्नयन उपरांत 225 नये पदों की स्वीकृति की प्रक्रिया की समीक्षा कर शीघ्र औपचारिकताओं की पूर्ति करने के निर्देश दिए। साथ ही सागर चिकित्सा महाविद्यालय में यू जी अपग्रेडेशन के लिए टेंडर प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में श्योपुर और सिंगरौली के नवीन चिकित्सा महाविद्यालयों के अनुबंध पुनरीक्षण की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए ताकि परियोजनाओं की समय सीमा में कोई विलंब न हो। इसके साथ ही बुधनी चिकित्सा महाविद्यालय के अनुबंध पुनरीक्षण एवं एम.पी.बी.डी.सी. द्वारा निर्माणाधीन सी.सी.एच.बी. भवनों के भुगतान संबंधी समस्याओं के निराकरण पर भी चर्चा हुई।
