सीधी। विंध्य के दौरे पर पहुचे राज्यपाल मंगुभाई पटेल गुरूवार को सीधी जिले के मझौली जनपद अंतर्गत वनांचल ग्राम परसिली पहुचे। यहां आयोजित जनजातीय संवाद कार्यक्रम में उन्होने हिस्सा लेकर वनवासी समुदाय के लोगो से सीधे तौर पर चर्चा किए और उन्होने न सिर्फ योजना की जानकारी दिए बल्कि उनसे संवाद भी किए। उन्होने कहा कि पात्र व्यक्तियों तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाकर ही विकसित भारत का संकल्प पूरा किया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गरीब और जरूरतमंदों को प्राथमिकता से योजनाओं से जोड़ें तथा उन्हें मुख्यधारा में शामिल कराए।
स्व-सहायता समूह से महिलाएं आत्मनिर्भर
राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि स्व-सहायता समूहों ने महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाया है। महिलाएं निर्भीक होकर मंच से अपने अनुभव साझा कर रही हैं। परिवार की आर्थिक उन्नति में भागीदारी कर रही हैं। आधुनिक तकनीक को अपनाने में भी वह तेजी से आगे बढ़ रही है। देश में एक करोड़ ड्रोन दीदी है। आने वाले समय में यह संख्या दो करोड़ हो जाएगी। उन्होंने बताया कि धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान में जनजातीय समुदाय के लिए 80 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान है। पीएम जनमन योजना के तहत 24 हजार करोड़ रुपये से विभिन्न विभागों की योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। सिकल सेल एनीमिया मरीजों से नियमित दवा लेने और खान-पान का ध्यान रखने का आग्रह किया।
जनजातीय परंपरा से स्वागत
इससे पूर्व कार्यक्रम स्थल पहुंचने पर राज्यपाल श्री पटेल का जनजातीय परंपरागत नृत्य से स्वागत किया गया। राज्यपाल ने कन्या-पूजन और मां सरस्वती के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलन किया। राज्यपाल श्री पटेल को परंपरागत जनजातीय कैप पहनाई गई और प्रतीक चिन्ह भेंट किया गया।
पहुचाया हित लाभ
राज्यपाल श्री पटेल ने जनजातीय संवाद कार्यक्रम में विभिन्न विभागों से लाभान्वित हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण किया। मध्यप्रदेश डे-आजीविका मिशन के तहत ऋण वितरण किए। कार्यक्रम स्थल में मध्य प्रदेश डे-आजीविका मिशन द्वारा लगाई गई हर्बल अबीर, गुलाल, महुआ के लड्डू आदि उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
किया पौधरोपण
राज्यपाल श्री पटेल ने परसिली स्थित सत्यसाई आश्रम में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। साथ ही प्रत्येक नागरिक को जीवन के विशेष अवसरों पर कम से कम एक पौधा लगाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने आश्रम में उपस्थित बच्चों और स्थानीय नागरिकों से सीधा संवाद किया। जनजातीय और ग्रामीण संस्कृति के संरक्षण पर बल देते हुए पारंपरिक कला और पेंटिंग की सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने और आजीविका का माध्यम बनाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर सीधी सांसद राजेश मिश्रा, स्थानिय विधायक समेत अन्य लोग मौजूद रहें।
- वनवासियों से संवाद: राज्यपाल ने सीधी में आदिवासियों से मिलकर उनकी समस्याओं और आकांक्षाओं को सुना।
- विकसित भारत का मंत्र: उन्होंने आत्मनिर्भरता, शिक्षा और कौशल विकास पर जोर दिया।
- विकास पर जोर: उन्होंने कहा कि शिक्षा और आत्मनिर्भरता ही विकास का आधार है।
- क्षेत्रीय विकास: विंध्य के आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा और विकास पर उन्होंने प्रकाश डाला।

