बुरहानपुर। मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले से एक ऐसा मामला सामने आ रहा है, जिसमें अपने जिंदा बेटी के हत्या के आरोप में पिता-पुत्र जेल की सलाखों के अंदर बंद है। यह राज तब खुला जब स्वयं उनकी बेटी गत दिवस थाना पहुची और कहा कि सर मैं जीवित हूं, प्लीज मेरे पिता और भाई को छोड़ दें। अप्रत्याशित रूप से जीवित लौट आई बेटी अब अपने पिता और भाई को रिहा कराने के लिए दौड़ लगा रही है।
घर से अचानक हो गई थी लापता
खाकनार पुलिस के अनुसार एक युवती 24 अप्रैल को लापता हो गई थी। परिवार द्वारा व्यापक खोजबीन के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिला, जिसके बाद 1 मई को खाकनार पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। जांच के दौरान, पुलिस को उसी इलाके का एक युवक अर्जुन भी लापता मिला, जिसके बारे में जानकारी मिली है कि दोनों साथ थे। अर्जुन की गुमशुदगी की रिपोर्ट 9 मई को दर्ज की गई।
सिर कटी और जली हुई मिली थी लाश
दरअसल महाराष्ट्र के जलगांव जामोद क्षेत्र में एक सिर कटी और जली हुई महिला की लाश इसी दौरान पाई गई थी। शव की पहचान न हो पाने के कारण महाराष्ट्र पुलिस सीसीटीवीएनएस रिकॉर्ड के आधार पर बुरहानपुर पहुंची। खाकनार पुलिस से मिली जानकारी के आधार पर अज्ञात शव को लापता युवती का शव मानते हुए पुलिस ने उसके पिता और भाई को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।
जांच के बाद पुलिस करेगी रिहा
पुलिस के अनुसार लापता लड़की की थाना पहुचने पर उसकी पहचान अंगूठे के निशान और सरकारी पहचान पत्रों के माध्यम से की गई। परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों की उपस्थिति में पंचनामा तैयार किया गया ताकि यह पुष्टि हो सके कि वह वास्तव में शिवानी ही है। अब महाराष्ट्र पुलिस शिवानी और अर्जुन को अपने साथ जलगांव जामोद ले गई। जंहा उसके पिता और भाई की रिहाई के लिए कानूनी प्रक्रिया करेगी, तो वही पुलिस का कहना है कि जिस महिला का सिर कटा और जला हुआ शव मिला था अब उस पूरे मामले की नए सिरे से जांच की जाएगी।
जिस बेटी की हत्या के आरोप में पिता-पुत्र जेल में काट रहे थें सजा, वह जिंदा पहुची थाने, कहा सर मैं जीवित हूं

