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Rewa News : सौतेली मां की बेरहमी ने ली 7 साल की मासूम की जान! प्यास से तड़पती रही रागिनी!

The cruelty of the stepmother took the life of an innocent child.The cruelty of the stepmother took the life of an innocent child.

The cruelty of the stepmother took the life of an innocent child.

रीवा जिले के त्योंथर विधानसभा क्षेत्र से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक 7 वर्षीय मासूम बच्ची रागिनी साकेत की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों का सीधा आरोप है कि सौतेली मां ने बच्ची को इतनी बेरहमी से पीटा कि उसकी जान चली गई। घटना के बाद से गांव में तनाव और शोक का माहौल है।

“पानी मांगती रही, पर मां का दिल नहीं पसीजा”
मृतक बच्ची की दादी, गोमती साकेत ने रुंधे गले से बताया कि रागिनी को बेरहमी से पीटा गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि पिटाई के बाद बच्ची दर्द से कराहती रही और पीने के लिए पानी मांगती रही, लेकिन उसकी सौतेली मां ने उसे पानी तक नहीं दिया। अस्पताल पहुंचने से पहले ही मासूम ने दम तोड़ दिया। दादी के अनुसार, बच्ची के पूरे शरीर पर चोट के निशान इस क्रूरता की गवाही दे रहे हैं।

भाई की आपबीती: “हमारी आंखों के सामने पीटा”
मासूम रागिनी के भाइयों, पुष्पराज और रावेंद्र साकेत ने अपनी मां की करतूतों का खुलासा करते हुए कहा कि उनकी सौतेली मां अक्सर उनके साथ मारपीट करती थी। पुष्पराज ने बताया, “रात 12 बजे मां ने हम सबके सामने रागिनी को बहुत ज्यादा पीटा। पिटाई के बाद उसे तेज बुखार आया और उसकी हालत बिगड़ती चली गई।” बताया जा रहा है कि जब बच्ची के पिता मनोज साकेत काम से घर लौटे, तो रागिनी की हालत नाजुक थी। वे आनन-फानन में उसे एक निजी डॉक्टर के पास ले गए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टर ने उसे देखते ही मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर त्योंथर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा।

तीन डॉक्टरों की टीम ने किया पोस्टमार्टम
मामले की गंभीरता और हत्या के आरोपों को देखते हुए, पुलिस ने तीन डॉक्टरों की विशेष टीम से पोस्टमार्टम कराया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम की आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा। फिलहाल पुलिस रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।

थाना प्रभारी की लापरवाही पर सवाल
इस गंभीर मामले में पुलिस प्रशासन की संवेदनशीलता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। जब मीडिया ने त्योंथर थाना प्रभारी बालकेश द्विवेदी से इस संबंध में जानकारी लेनी चाही, तो चौंकाने वाली बात सामने आई कि उन्हें मृतका और परिजनों के नाम तक स्पष्ट रूप से पता नहीं थे। एक मासूम की मौत के मामले में थाना प्रभारी की इस तरह की अनभिज्ञता पुलिस की सक्रियता और जांच की गंभीरता पर सवालिया निशान लगाती है।

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