भोपाल। मध्यप्रदेश में जनगणना की जाएगी। इसके लिए तैयारी शुरू हो गई है। जनगणना प्रशिक्षण का शुभांरभ शुक्रवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भोपाल में किए है। जिसमें प्रदेश के शीर्ष अधिकारियों के साथ ही कमिश्नर-कलेक्टर हिस्सा लिए हुए है और वे जनगणना प्रशिक्षण की बारिकियों को सीख रहे है। दरअसल भारत की जनगणना विश्व का सबसे बड़ा प्रशासनिक कार्य है। भारत में जनांकिकीय व आर्थिक आकड़ों का ग्राम एवं वार्ड स्तर पर उपलब्ध कराने का एकमात्र स्रोत है।
2 चरणो में होगी जनगणना
आगामी जनगणना 2027 पूर्व की जनगणनाओं की भांति इस बार भी 2 चरण में संपादित की जाएगी, जिसके लिए जनगणना अधिनियम, 1948 की धारा 3 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए भारत सरकार द्वारा राजपत्र में अधिसूचना 16 जून 2025 जारी की जा चुकी हैं। इसी क्रम में मध्यप्रदेश राज्य में जनगणना 2027 के प्रथम चरण का कार्य 1 मई से किया जायेगा, जिसकी अधिसूचना मध्यप्रदेश शासन द्वारा राजपत्र में जारी की जा चुकी हैं।
ऐसे होगी जनगणना
जनगणना के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण का कार्य किया जायेगा। इसमें मकानों की स्थिति, सुविधाओं एवं परिसंपत्तियों का विवरण प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर एकत्रित किया जायेगा। द्वितीय चरण में जनसंख्या की गणना की जाएगी। जनसंख्या की गणना के दौरान प्रत्येक व्यक्ति की गणना की जाएगी। साथ ही, व्यक्तियों के सम्बन्ध में अन्य विभिन्न बिन्दुओं जैसे-आयु, लिंग, वैवाहिक स्थिति, धर्म, दिव्यांगता, मातृभाषा, साक्षरता, शैक्षणिक योग्यता, आर्थिक क्रियाकलाप, प्रवास, प्रजननता विवरण इत्यादि पर जानकारी एकत्रित की जाएगी।
जनगणना देश का तय करती है भविष्य
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जनगणना देश की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण डाटा प्रक्रिया है। जनगणना के आधार पर सरकार की योजनाएं बनती हैं, संसाधनों का वितरण तय होता है और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने की रणनीति तैयार होती है। आज भारत विश्व का सर्वाधिक आबादी वाला राष्ट्र है। यह जनगणना केवल राष्ट्रीय नहीं बल्कि वैश्विक महत्व की भी है। जनगणना का कार्य केवल प्रशासनिक प्रक्रिया तक सीमित नहीं है बल्कि यह भारत के भविष्य की दिशा तय करने वाला सबसे व्यापक और निर्णायक अभियान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनगणना-2027 के प्रथम चरण के लिए आयोजित राज्य स्तरीय प्रशिक्षण सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
जनगणना के आधार पर बनती है योजना
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सड़क, अस्पताल, स्कूल एवं अन्य कार्यों की योजनाएं जनगणना के आंकड़ों के आधार पर ही बनाई जाती हैं। जनगणना केवल संख्या गिनने की प्रक्रिया नहीं है, यह राज्य की संवेदनशीलता, प्रशासन की विश्वसनीयता, प्रतिबद्धता और शासन की पारदर्शिता की परीक्षा हैमुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर्स और कमिश्नर्स से जनगणना कार्य को रणनीतिक नेतृत्व प्रदान करते हुए जनगणना के सभी उद्देश्यों की समय सीमा में पूर्ति करने का आह्वान किया।

