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दूषित पानी पर विधानसभा में 5वें दिन हंगामा, मंत्री विजयवर्गीय ने कहा भागीरथपुरा धारावी का छोटा स्वरूप

भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में शुक्रवार को 5वें दिन घंटो गरमा-गरम बहस हुई। सदन में भागीरथपुरा कांड को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष एक दूसरे पर सवाज-जबाब की बौछार लगाता रहा। इस मुद्दे को आगामी चर्चा के लिए विधानसभा अध्यक्ष ने स्वीकार नहीं किया इस पर कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा में हंगामा करते हुए सदन का वॉक-आउट किए।

धारावी का छोटा स्वरूप

विपक्ष के सवाल पर नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि घटना के बाद सरकार ने तुरंत कार्रवाई की। पीड़ितों के इलाज, पानी की जांच और नई पाइपलाइन का काम शुरू किया गया है और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई भी की गई है। मंत्री कैलाश विजय वर्गीय ने कहा कि यह 90 साल पुरानी बस्ती है, जो मुंबई के धारावी का छोटा स्वरूप है। यहां अशिक्षित लोग रहते हैं, जहां काम करना नगर निगम कर्मचारियों के लिए मुश्किल होता है। इसी कारण नगर निगम के कर्मचारी ठीक तरीके से काम नहीं कर पा रहे थे। जबाब दे रहे मंत्री खुद स्वीकार किए कि नागरिकों ने शिकायत किया था, लेकिन इस मामले में देरी हुई। टेंडर तो किया गया, लेकिन काम नही शुरू हो पाया। उन्होने कहा कि इस मामले में जांच और कार्रवाई दोनों की जा रही है।

इंदौर के लिए बन गई कलंक

इंदौर में दूषित पानी से हुई घटना को लेकर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहां कि यह घटना इंदौर के लिए कलंक के समान है। यह शहर स्वच्छता में नंबर एक रहा है और इसके लिए अवार्ड दिया गया है। यहां स्वच्छता को संस्कार का रूप दिया गया है। उन्होने कहा कि ऐसा शहर जिसने देश भर में स्वच्छता का रोल मॉडल प्रस्तुत किया, लेकिन यह दुर्भाग्य है कि इस शहर के लिए अब कलंक बन रही है।

पिला रहे काला पानी

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लोगों को साफ पानी देना सरकार की जिम्मेदारी है। सरकार को जवाब देना चाहिए, लेकिन सरकार जवाब नहीं दे रही है। काला पानी की सजा तो सुनी है, लेकिन यहां तो लोगों को काला पानी पिलाया जा रहा है।

गुमशुदा बच्चियां, पेड़ कटाई का मुद्रदा भी उठा

विधानसभा में विपक्ष ने मध्यप्रदेश से गुम हो रही महिलाओं और बच्चियों को लेकर सवाल उठाएं है। तो सिंगरौली में पेड़ कटाई किए जाने का मामला भी विधानसभा में गूंजा है। कांग्रेस विधायक लगातार प्रदेश के ऐसे मुद्रदों को लेकर मुखर होकर सरकार का ध्यान आकृष्ट करा रहे है।

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