ग्वालियर। स्वास्थ विभाग की लापरवाही के किस्से कोई नए नही है, जब मरीज का गलत ईलाज होने के चलते उसकी मौत हुई हो। ऐसा ही एक मामला एमपी के ग्वालियर जिले से सामने आ रहा है। खबरों के तहत यहां के जयारोग्य चिकित्सालय समूह के आकस्मिक उपचार केंद्र में डाक्टर और स्टाफ की लापरवाही से एक 53 वर्षीय दिलीप जाधव की मौत हो गई।
महिला की ईसीजी रिर्पोट पर कर दिए ईलाज
दिलीप जाधव के बेटी रागिनी का आरोप है कि डॉक्टरों की लापरवाही से उनके पिता की मौत हो गई। उनका आरोप है कि उनके पिता का ईलाज महिला के ईसीजी रिर्पोट पर किया गया। जिससे उनकी तबियत बिगड़ गई थी। दिलीप का उपचार जिस ईसीजी रिपोर्ट के आधार पर शुरू किया गया, वह ’पुष्पा’ नामक किसी महिला की थी। ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सकों ने रिपोर्ट पर लिखे नाम और जेंडर तक को नही पढ़ा और बुजूर्ग का ईलाज उस रिर्पोट के तहत कर दिए।
सीने में थी दिक्कत
पीड़ित परिवार ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि 18 अप्रैल की है, जब गुढ़ा निवासी दिलीप जाधव को सीने में दर्द और घबराहट के कारण जेएएच लाया गया था। डाक्टरों ने उन्हें भर्ती कर ईसीजी कराई। ईसीजी की रिर्पोट पुष्पा नामक महिला के नाम से थी और डॉक्टरों ने बिना और जेंडर पड़े उक्त रिर्पोट के आधार पर ईलाज कर दिए। जिससे उनके मरीज को तबियत बिगड़ गई। इसके बाद वे दूसरे विभाग में रेफर कर दिए, लेकिन तब तक उनकी मौत हो गई।
न्याय की गुहार
रागिनी जाधव इसकी शिकायत करने के लिए अस्पताल प्रशासन के पास पहुची थी। उनका कहना था कि अस्पताल के अधिकारियों के बाहर होने के कारण वे शिकायत नही कर पाई है। वे न्याय की गुहार अधिकारियों से लगाकर जांच की मांग कर रही है, बहरहाल सच्चाई क्या है यह तो अस्पताल प्रशासन की जांच के बाद ही सामने आ पाएगा।

