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शिव मंदिर के लिए आपस में लड़े थाईलैंड-कम्बोडिया

Thailand Cambodia Dispute Over Shiva Temple Border Tension NewsThailand Cambodia Dispute Over Shiva Temple Border Tension News

शिव मंदिर को लेकर थाईलैंड–कम्बोडिया में विवाद फिर तेज

Thailand and Cambodia fought over the Shiva temple: थाईलैंड (Thailand) ने 8 दिसंबर 2025 को कंबोडिया (Cambodia) पर हवाई हमला (Thailand Airstrike Cambodia) किया, जिससे दोनों देशों के बीच सीमा विवाद (Thailand Cambodia Border Dispute) में तनाव और बढ़ गया। यह हमला उस समय हुआ, जब दोनों देशों के बीच जुलाई 2025 में हुए संघर्ष के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की मध्यस्थता से युद्धविराम (ceasefire) हुआ था।

थाईलैंड के रक्षा मंत्रालय (Defense Ministry) ने कहा कि उन्होंने कंबोडिया की सीमा पर स्थित सैन्य ठिकानों पर हवाई हमला किया, क्योंकि कंबोडिया ने सीजफायर का उल्लंघन किया था। रिपोर्ट के अनुसार, इस हमले में 5 कंबोडियाई सैनिक (Cambodian Soldiers) मारे गए, जबकि 10 घायल हुए। कंबोडिया ने इस हमले को “अकारण आक्रमण” करार दिया और संयुक्त राष्ट्र (United Nations) से हस्तक्षेप की मांग की।

थाईलैंड कंबोडिया सीमा विवाद का इतिहास

History of the Thailand-Cambodia border dispute: थाईलैंड और कंबोडिया के बीच सीमा विवाद (Thailand-Cambodia Border Dispute) का इतिहास 1950 के दशक से है, जब दोनों देशों ने प्रेहा विहार मंदिर (Preah Vihear Temple) पर अपना दावा किया था। जुलाई 2025 में, दोनों देशों के बीच 5 दिन का संघर्ष हुआ था, जिसमें कई सैनिक और नागरिक मारे गए थे। ट्रंप की मध्यस्थता से सीजफायर हुआ था, लेकिन अब तनाव फिर से बढ़ गया है।

संयुक्त राष्ट्र ने दोनों देशों से शांति बनाए रखने की अपील की है, जबकि अमेरिका और चीन (China) ने इस मुद्दे पर चिंता जताई है। ट्रंप ने ट्वीट करते हुए कहा, “मैं दोनों देशों से बात करूंगा, और शांति बहाल करने की कोशिश करूंगा।” वहीं, चीन ने कहा कि वह क्षेत्र में शांति के लिए काम करेगा।

क्षेत्रीय विशेषज्ञों (Regional Experts) का मानना है कि यह तनाव क्षेत्र में शांति को और चुनौतीपूर्ण बनाएगा। डॉ. थानावुत पोम्विचित (Dr. Thanawut Pomwichit), एक थाई राजनीतिक विश्लेषक, ने कहा, “यह घटना दोनों देशों के रिश्तों को और खराब करेगी, और क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ेगी।” वहीं, कुछ विशेषज्ञों ने इसे “जरूरी कदम” बताया, क्योंकि कंबोडिया ने सीजफायर का उल्लंघन किया था।

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