Stampede in Nalanda Bihar: बिहार के नालंदा जिले के मघड़ा इलाके में स्थित माता शीतलाष्टमी मंदिर में मंगलवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। इस बिहार मंदिर भगदड़ (Temple Stampede in Bihar) में 8 महिलाओं की मौत हो गई, जबकि 6 से ज्यादा श्रद्धालु घायल बताए जा रहे हैं। घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।
चैत्र के आखिरी मंगलवार पर उमड़ी भीड़
चैत्र महीने के आखिरी मंगलवार के कारण मंदिर में भारी भीड़ उमड़ी थी। शीतलाष्टमी मेला भीड़ (Shitalashtami Festival Rush) के चलते बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे थे। हादसे के बाद प्रशासन ने मंदिर और मेले को बंद करवा दिया।
मृतकों की पहचान और इलाज
मृतकों में से दो की पहचान नालंदा निवासी रीता देवी (50) और रेखा देवी (45) के रूप में हुई है। घायलों को इलाज के लिए मॉडल अस्पताल बिहारशरीफ भेजा गया है, जहां उनका उपचार जारी है।
दर्शन की जल्दी बनी वजह
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंदिर का गर्भगृह छोटा होने और भीड़ अधिक होने के कारण स्थिति बिगड़ गई। श्रद्धालु जल्दी दर्शन करने के लिए एक-दूसरे से आगे निकलने की कोशिश कर रहे थे।मंदिर भीड़ कुप्रबंधन और उचित लाइन व्यवस्था की कमी इस हादसे की मुख्य वजह मानी जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था की कमी
श्रद्धालुओं ने बताया कि मंदिर के अंदर पर्याप्त पुलिस बल तैनात नहीं था। धार्मिक आयोजन में भीड़ नियंत्रण विफलता (Crowd Control Failure in Religious Event) साफ नजर आई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए न तो कोई व्यवस्था थी और न ही अलग-अलग लाइनों का प्रबंध किया गया था।
एम्बुलेंस पहुंचने में देरी
घटना के बाद राहत कार्यों में भी देरी देखने को मिली। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आपातकालीन प्रतिक्रिया में देरी के कारण करीब 40 मिनट बाद पहली एंबुलेंस मौके पर पहुंची।तब तक कई महिलाएं बेहोश पड़ी थीं और कुछ गंभीर हालत में थीं।
सरकार का एक्शन और मुआवजा
घटना के बाद पटना कमिश्नर को बिहारशरीफ भेजा गया है। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को जांच के आदेश दिए हैं।सरकार ने मृतकों के परिजनों को मुआवजा योजना बिहार के तहत 6 लाख रुपये देने की घोषणा की है।
धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा पर सवाल (Religious Event Safety in India)
नालंदा की यह घटना एक बार फिर भारत में धार्मिक आयोजन सुरक्षा (Religious Event Safety in India) पर बड़े सवाल खड़े करती है। भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था में कमी के कारण ऐसे हादसे बार-बार सामने आ रहे हैं।

