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telecommunicationधुएं के संकेतों और ढोल के उपयोग से शुरू हुआ दूरसंचार, आज विकसित है इतनी तरह की प्रणालिया





विश्व telecommunication और सूचना समाज दिवस। हर साल 17 मई को विश्व दूरसंचार और सूचना समाज दिवस मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य इंटरनेट और नई तकनीकों के सामाजिक-आर्थिक प्रभावों के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। यह दिन 1865 में अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ की स्थापना की याद दिलाता है और डिजिटल अंतर को कम करने पर जोर देता है। यह दिवस 1969 से मनाया जा रहा है और अब इसे विश्व दूरसंचार और सूचना समाज दिवस के रूप में जाना जाता है।

धुएं के संकेतों और ढोल के उपयोग से शुरू

दूरसंचार का इतिहास अफ्रीका, एशिया और अमेरिका में धुएं के संकेतों और ढोल के उपयोग से शुरू हुआ। 1790 के दशक में, यूरोप में पहली स्थिर सेमाफोर प्रणाली अस्तित्व में आई। हालांकि, विद्युत दूरसंचार प्रणालियों का विकास 1830 के दशक में ही शुरू हुआ। दूरसंचार सेवाओं का उपयोग करके, आपके व्यवसाय के पास डिजिटल रूप से डेटा संचारित करने के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा और उपकरण मौजूद होते हैं। इसमें व्यापक स्तर की जानकारी शामिल है जिसका उपयोग आप विश्लेषण और महत्वपूर्ण दस्तावेजों से लेकर ईमेल, मैसेजिंग और वॉइस बातचीत तक कई अलग-अलग उद्देश्यों के लिए कर सकते हैं।

विश्व दूरसंचार दिवस मनाने के प्रमुख कारण

ऐतिहासिक महत्व- 17 मई 1865 को पेरिस में पहले अंतर्राष्ट्रीय टेलीग्राफ कन्वेंशन पर हस्ताक्षर किए गए थे, जिसके बाद आईटीयू की स्थापना हुई थी।
जागरूकता- यह दिन इंटरनेट, टेलीफोन और डिजिटल तकनीकों के लाभों के बारे में समाज को जागरूक करता है।
डिजिटल विभाजन को कम करना- इसका लक्ष्य तकनीकी दूरी को कम करना है ताकि सुदूर क्षेत्रों तक संचार की सुविधा पहुँच सके।
विकास और नवाचार- यह दिन सूचना और संचार प्रौद्योगिकियों के महत्व को रेखांकित करता है।
वार्षिक विषय- हर साल एक विशिष्ट थीम के साथ यह दिवस मनाया जाता है, जो वर्तमान डिजिटल चुनौतियों पर केंद्रित होता है।

दूरसंचार के मुख्य प्रकार

१. संचरण माध्यम (Transmission Medium) के आधार पर

२. दूरसंचार नेटवर्क के प्रकार (Based on Network Coverage)

३. सिग्नलों (Signals) के प्रकार

४. प्रसारित की जाने वाली सेवा के आधार पर

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