भारतीय क्रिकेट टीम ने न्यूजीलैंड के खिलाफ नागपुर टी20 में 48 रनों की शानदार जीत दर्ज कर सीरीज में बढ़त बना ली है। 7 फरवरी से शुरू होने वाले टी20 वर्ल्ड कप 2026 की तैयारी के लिहाज से यह मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में टीम ने न केवल मैच जीता, बल्कि भविष्य के लिए चार बड़े सकारात्मक संकेत भी दिए।
अभिषेक की आक्रामकता और रिंकू का फिनिशिंग टच
मैच का सबसे बड़ा आकर्षण अभिषेक शर्मा की बल्लेबाजी रही। उन्होंने मात्र 35 गेंदों में 84 रनों की पारी खेलकर कीवी गेंदबाजों को बैकफुट पर धकेल दिया। उनकी बल्लेबाजी में निडरता दिखी, जो बड़े टूर्नामेंट्स में टीम इंडिया की जरूरत रही है। वहीं, अंत में रिंकू सिंह ने 20 गेंदों में 44 रनों की नाबाद पारी खेलकर यह साबित कर दिया कि वे एक भरोसेमंद फिनिशर हैं। इन दोनों के प्रदर्शन ने ओपनिंग और लोअर ऑर्डर की चिंताएं काफी हद तक कम कर दी हैं।

नंबर 8 तक बल्लेबाजी की गहराई
गौतम गंभीर के कोच बनने के बाद से ही टीम इंडिया में ‘बैटिंग डेप्थ’ पर काफी जोर दिया जा रहा है। नागपुर में इसका नजारा तब दिखा जब अक्षर पटेल नंबर 8 पर बल्लेबाजी करने आए। अक्षर जैसे खिलाड़ी का निचले क्रम में होना टीम को मजबूती देता है। यह रणनीति टी20 वर्ल्ड कप 2026 की तैयारी का हिस्सा है, ताकि शुरुआती विकेट गिरने पर भी टीम बड़े स्कोर तक पहुँच सके। गहरी बल्लेबाजी से टॉप ऑर्डर को खुलकर खेलने की आजादी मिलती है।
गेंदबाजी में विकल्पों की भरमार
भारतीय टीम के लिए एक और अच्छी खबर गेंदबाजी के मोर्चे पर रही। इस मुकाबले में कप्तान सूर्या के पास गेंदबाजी के 7 विकल्प मौजूद थे। जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह के साथ-साथ हार्दिक पांड्या, अक्षर पटेल, वरुण चक्रवर्ती, शिवम दुबे और खुद अभिषेक शर्मा ने गेंद थामी। शिवम दुबे ने तो आखिरी ओवर में लगातार दो विकेट लेकर अपनी उपयोगिता साबित की। आधुनिक टी20 क्रिकेट में इतने सारे ऑलराउंडर्स का होना किसी भी टीम के लिए वरदान साबित हो सकता है।
सूर्या का फॉर्म और टीम का संतुलन
कप्तान सूर्यकुमार यादव भले ही अपनी सर्वश्रेष्ठ लय में नहीं दिखे, लेकिन उन्होंने 32 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली। पिछले साल का उनका औसत कुछ खास नहीं रहा था, लेकिन इस पारी से उन्होंने संकेत दिया है कि वे अपनी भूमिका को लेकर स्पष्ट हैं। उन्होंने अभिषेक शर्मा के साथ मिलकर 99 रनों की साझेदारी की, जिसने मैच का रुख मोड़ दिया। टीम का संतुलन फिलहाल काफी बेहतर नजर आ रहा है, जो विश्व कप से पहले एक शुभ संकेत है।
संजू और ईशान के लिए बड़ी चुनौती
हालांकि, टीम के लिए कुछ चिंताएं भी हैं। संजू सैमसन और ईशान किशन बतौर ओपनर सस्ते में आउट हो गए। सीरीज के बाकी मैचों में इन दोनों खिलाड़ियों पर अच्छा प्रदर्शन करने का दबाव होगा। भारतीय खेमा चाहेगा कि वर्ल्ड कप से पहले सभी प्रमुख खिलाड़ी अपनी लय हासिल कर लें। टीम प्रबंधन की नजर अब उन कमियों को दूर करने पर है जो बड़े मैचों में भारी पड़ सकती हैं।

भविष्य की रणनीति और गंभीर का विजन
कोच गौतम गंभीर का विजन स्पष्ट है—वे ऐसी टीम चाहते हैं जो हर परिस्थिति में लड़ना जानती हो। गेंदबाजी के सात विकल्प और आठवें नंबर तक बल्लेबाजी इसी रणनीति का हिस्सा है। नागपुर की जीत ने यह दिखा दिया है कि टीम सही दिशा में आगे बढ़ रही है। यदि टीम इसी संतुलन को बरकरार रखती है, तो आगामी विश्व कप में उसे हराना किसी भी विपक्षी दल के लिए बड़ी चुनौती होगी।
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