Tax On Petrol In Madhya Pradesh/ Tax On Diesel In Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh Fuel Price) में पेट्रोल और डीजल की कीमतों ने आम लोगों की जेब पर फिर बड़ा असर डाला है। ऑयल कंपनियों (Oil Companies Fuel Price Hike) ने 15 मई से पेट्रोल-डीजल के दाम में 3 रुपए प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी कर दी है। इसके बाद प्रदेश के कई जिलों में पेट्रोल 111 रुपए प्रति लीटर के पार पहुंच गया है।
सबसे ज्यादा कीमत पांढुर्णा और मंडला में दर्ज की गई, जहां पेट्रोल 111.29 रुपए प्रति लीटर तक बिक रहा है। वहीं मैहर, अलीराजपुर और अनूपपुर में डीजल 96.50 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच गया है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर मध्य प्रदेश (MP Petrol Diesel Tax) में पेट्रोल-डीजल पड़ोसी राज्यों से इतना महंगा क्यों है? इसका सबसे बड़ा कारण राज्य सरकार द्वारा लगाया जाने वाला भारी वैट टैक्स (VAT on Petrol Diesel) माना जा रहा है।
MP में सबसे ज्यादा VAT टैक्स
मध्य प्रदेश पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन (Madhya Pradesh Petrol Pump Dealers Association) के अध्यक्ष अजय सिंह के मुताबिक प्रदेश में पेट्रोल पर करीब 30% और डीजल पर 19% तक VAT वसूला जा रहा है। इसके मुकाबले उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh Fuel Tax) में पेट्रोल पर सिर्फ 22% और डीजल पर करीब 12% VAT है। यानी सिर्फ टैक्स के कारण ही दोनों राज्यों में 10 से 11 प्रतिशत का बड़ा अंतर बन रहा है। यही वजह है कि मध्य प्रदेश में ईंधन (Expensive Fuel in MP) पड़ोसी राज्यों की तुलना में काफी महंगा हो गया है।
पड़ोसी राज्यों से कितने महंगे हैं पेट्रोल-डीजल?
उत्तर प्रदेश में पेट्रोल मध्य प्रदेश के मुकाबले करीब 14 रुपए प्रति लीटर तक सस्ता मिल रहा है। वहीं डीजल भी 5 रुपए तक कम कीमत पर उपलब्ध है।
रीवा (Rewa Fuel Price), सतना (Satna Petrol Price), मऊगंज, सिंगरौली और पन्ना जैसे सीमावर्ती जिलों में इसका सीधा असर दिख रहा है। बड़ी संख्या में लोग यूपी सीमा पार जाकर पेट्रोल-डीजल भरवा रहे हैं।
छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh Cheap Petrol) में पेट्रोल की कीमतें मध्य प्रदेश से करीब 8 रुपए तक कम बताई जा रही हैं। वहां राज्य सरकार का टैक्स कम होने की वजह से उपभोक्ताओं को राहत मिल रही है।
राजस्थान (Rajasthan Fuel Comparison) में पेट्रोल-डीजल दोनों ही मध्य प्रदेश से करीब 2 रुपए तक सस्ते हैं।
गुजरात (Gujarat Petrol Price) में पेट्रोल करीब 13 रुपए और डीजल 3 रुपए तक सस्ता मिल रहा है। कम VAT और बेहतर टैक्स स्ट्रक्चर इसकी बड़ी वजह मानी जा रही है।
महाराष्ट्र (Maharashtra Diesel Petrol Rate) में भी पेट्रोल मध्य प्रदेश की तुलना में 4 से 5 रुपए तक कम कीमत पर मिल रहा है।
सीमावर्ती जिलों के पेट्रोल पंप हो रहे खाली
महंगे ईंधन (High Fuel Prices in MP) का असर अब पेट्रोल पंप कारोबार पर भी दिखने लगा है। खासकर यूपी से लगे जिलों—रीवा, सतना, सागर, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, मऊगंज और सिंगरौली में पेट्रोल पंपों पर बिक्री घट रही है। लोग सस्ते दाम पर ईंधन भरवाने के लिए दूसरे राज्यों का रुख कर रहे हैं। इससे प्रदेश सरकार को राजस्व (Fuel Tax Revenue Loss) का नुकसान होने की भी बात कही जा रही है।
महंगे पेट्रोल-डीजल से बढ़ रही महंगाई
एक्सपर्ट्स का कहना है कि महंगे पेट्रोल-डीजल (Petrol Diesel Inflation Impact) का असर सिर्फ वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता। इससे ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ता है और रोजमर्रा की चीजें महंगी हो जाती हैं।
दूध, सब्जियां, राशन, घरेलू गैस सिलेंडर (LPG Price Hike) और होटल-रेस्टोरेंट का खाना भी महंगा हो रहा है। कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतें पहले से बढ़ी हुई हैं, ऐसे में ट्रांसपोर्ट और ईंधन लागत बढ़ने से आम आदमी पर दोहरी मार पड़ रही है।
पेट्रोल पंप डीलर्स और व्यापार संगठनों का कहना है कि अगर मध्य प्रदेश सरकार (MP Government Fuel Tax) पेट्रोल-डीजल पर VAT कम करे, तो जनता को बड़ी राहत मिल सकती है।
विशेषज्ञों के मुताबिक टैक्स कम होने से ईंधन की बिक्री बढ़ेगी, सीमावर्ती जिलों में कारोबार वापस आएगा और सरकार को लंबे समय में राजस्व नुकसान भी नहीं होगा।

