Aatm Manthan :कभी-कभी उदासियाँ हमें यूँ घेर लेती हैं कि लगने लगता है कि अब […]
Tag: आत्ममंथन
क्या आप जानते हैं ,मन की गालियाँ कितनी सँकरी हैं कौन दो लोग उससे साथ में नहीं गुज़र सकते !
Aatm Manthan :कई बार दिल को समझाना पड़ता है कि ख़ुद को इतनी इम्पोर्टेंस नहीं […]
क्यों कहा गया :धीरे-धीरे रे मना, धीरे सब कुछ होय
Aatm Manthan :कभी-कभी जीवन में धैर्य रखने की बहोत ज़रुरत होती है मगर हमें लगता […]
कैसा है ज़िंदगी का खेल ,बार-बार ग़लत होना भी क्या सही है ! है भी तो कैसे !
Aatm Mathan :कभी -कभी हम काफी मायूस हो जाते है जब लगता है कि हमारे […]
जब मूल्यांकन करना हो तो अपना ही करें सुखी रहेंगे, दूसरों का करेंगे तो दुखी रहेंगे !
Aatm Manthan: मूल्यांकन करना अच्छा है पर किसका ,और क्यों ? क्या मिलता है इससे […]
Year-End Reflection Goals For 2026 : वर्ष 2025 में क्या खोया-क्या पाया ? खुद को निखारने बनाएं प्लान
Year-End Reflection Goals For 2026 : वर्ष 2025 में क्या खोया-क्या पाया ? खुद को […]
जितने खराब हालात, उतने मज़बूत हम
न्याज़ियामंथन। अक्सर परिस्थितियां हमें तोड़ कर रख देती हैं लेकिन आपको नहीं लगता कि जिसके […]
दुनिया कौन होती है हमें…
न्याज़िया मंथन। दुनिया कुछ भी कहे, हम अच्छे हैं ,बुरे हैं या अजीब हैं तो […]
क्या है जीवन का गणित…
न्याज़िया मंथन। आपको नहीं लगता,पोथी पढ़के विद्वान बनना और बुद्धिमान बनके विवेक से काम लेना […]
आत्ममंथन: रोज़ी रोटी जब परदेस बुलाए
Atmamanthan In Hindi | न्याज़िया बेगम: आज की इस दौड़ती-भागती ज़िंदगी में रोज़ी रोटी की तलाश […]
