Aatm Manthan :सबसे नाज़ुक धागा कौनसा होता है ! शायद वही जिसे खींचना और तोड़ना […]
Tag: Self introspection
आत्म मंथन: खुद को बेसहारा समझ के क्या रोना
आपको नहीं लगता बेसहारा , शब्द हमें लाचारी और मायूसी से भर देता है ,अगर […]
बस वक़्त की क़ीमत होती है…
न्याज़िया मंथन। वक़्त का तकाज़ा देखकर ही चलना चाहिए जब जो वक़्त कहे वो करना […]
