Bagheli Ukkhan: पुराने समय में न कैलेंडर थे और न ही घड़ियाँ, जिनसे दिन, तारीख़ […]
Tag: बघेली भाषा
बघेलखंड की लुप्त होती बोली सुबह कलेवा, दोपहर जेउनार और रात मा बिआरी, अब लंच-ब्रेकफास्ट और डिनर बन रहा रट्टू
बघेलखंड की भाषा। भारत देश विविध भाषा और बोलियों से परिपूर्ण है। अपने-अपने क्षेत्रों की […]
