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TMC में बढ़ी बगावत, राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने दिया इस्तीफा; ममता बनर्जी पर बढ़ा दबाव

Sushmita Dev Join BJP: पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress) का संकट लगातार गहराता जा रहा है। पार्टी की राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव (Sushmita Dev) ने बुधवार को राज्यसभा सदस्यता और पार्टी दोनों से इस्तीफा दे दिया। पिछले तीन दिनों में टीएमसी के दो राज्यसभा सांसद पार्टी छोड़ चुके हैं, जिससे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

3 दिन में दो राज्यसभा सांसदों का इस्तीफा

इससे पहले 8 जून को टीएमसी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय (Sukhendu Sekhar Roy) ने भी पार्टी और संसद सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। अब सुष्मिता देव के इस्तीफे के बाद पार्टी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आ गया है।

राज्यसभा में TMC के 13 सांसदों में से अब तक 2 सांसद पार्टी से अलग हो चुके हैं।

TMC के 58 विधायक और 20 सांसद अलग गुट में

पार्टी के भीतर चल रहे सत्ता संघर्ष के बीच पश्चिम बंगाल विधानसभा में TMC के 80 में से 58 विधायक अलग गुट बना चुके हैं। इस गुट ने ऋतब्रत बनर्जी (Ritabrata Banerjee) को अपना नेता चुना है।

वहीं लोकसभा में TMC के 28 सांसदों में से 20 सांसदों के पार्टी नेतृत्व से नाराज होने की चर्चा है। राजनीतिक गलियारों में यह भी अटकलें हैं कि इनमें से कई सांसद भविष्य में NDA का रुख कर सकते हैं।

राहुल गांधी से मिले अभिषेक बनर्जी

राजनीतिक संकट के बीच ममता बनर्जी के भतीजे और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) ने दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) से मुलाकात की।

दिलचस्प बात यह है कि एक दिन पहले ही ममता बनर्जी ने कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) से मुलाकात की थी। इन बैठकों को विपक्षी राजनीति और TMC में जारी संकट से जोड़कर देखा जा रहा है।

चुनाव हारने के बाद शुरू हुई टूट

2026 पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (West Bengal Assembly Election 2026) में हार के बाद पार्टी में असंतोष लगातार बढ़ता गया। चुनाव परिणाम आने के कुछ ही सप्ताह बाद कई नेताओं ने पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाने शुरू कर दिए।

27 मई को राज्यसभा सांसद काकोली घोष दस्तीदार (Kakoli Ghosh Dastidar) ने भी सांसद पद से इस्तीफा दिया था। हालांकि उन्होंने पार्टी नहीं छोड़ी थी, लेकिन बाद में वे भी बागी नेताओं की बैठकों में दिखाई दीं।

कौन हैं सुष्मिता देव?

सुष्मिता देव असम की सिलचर लोकसभा सीट से सांसद रह चुकी हैं। वे वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री संतोष मोहन देव (Santosh Mohan Dev) की बेटी हैं।

2019 लोकसभा चुनाव हारने के बाद उन्होंने 2021 में कांग्रेस छोड़कर तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम लिया था। इसके बाद वे राष्ट्रीय राजनीति में TMC का प्रमुख चेहरा बनीं और राज्यसभा पहुंचीं।

बंगाल की राजनीति में नए समीकरण

लगातार हो रही टूट के बाद TMC Political Crisis, Mamata Banerjee Leadership Challenge, Abhishek Banerjee Meeting Rahul Gandhi और West Bengal Opposition Politics जैसे मुद्दे राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का विषय बन गए हैं।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या ममता बनर्जी पार्टी पर अपनी पकड़ बनाए रख पाएंगी या फिर बंगाल की राजनीति में कोई बड़ा राजनीतिक पुनर्गठन देखने को मिलेगा। आने वाले दिनों में बागी नेताओं और TMC नेतृत्व की रणनीति इस संकट की दिशा तय करेगी।

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