Suryakumar Yadav on India Loss: विशाखापत्तनम में हार के बाद सूर्या ने किया रणनीति का खुलासा, बताया क्यों लिया था बड़ा रिस्क
विशाखापत्तनम में खेले गए चौथे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में भारतीय टीम को न्यूजीलैंड के हाथों 50 रनों की करारी शिकस्त झेलनी पड़ी। सीरीज पहले ही अपने नाम कर चुकी टीम इंडिया इस मैच में पूरी तरह बैकफुट पर नजर आई। मैच के बाद कप्तान Suryakumar Yadav on India Loss और टीम की हैरान करने वाली रणनीति पर खुलकर बोले। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह हार किसी चूक का नतीजा नहीं, बल्कि भविष्य की चुनौतियों के लिए खुद को तैयार करने का एक सोचा-समझा प्रयोग था।
सिर्फ 6 बल्लेबाजों के साथ क्यों उतरा भारत?
भारतीय टीम ने इस मुकाबले में एक बल्लेबाज कम खिलाने का साहसी फैसला लिया था। टीम में केवल छह विशेषज्ञ बल्लेबाज शामिल थे, जिनमें हार्दिक पांड्या भी थे। हालांकि, हार्दिक ने इस मैच में गेंदबाजी नहीं की। अमूमन भारतीय टीम नंबर 8 तक बल्लेबाजी की गहराई रखती है, लेकिन इस बार हर्षित राणा नंबर 7 पर बल्लेबाजी के लिए आए। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने स्पष्ट किया कि वे अपनी टीम को कठिन परिस्थितियों में परखना चाहते थे।
चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में खुद को परखने का लक्ष्य
हार के बावजूद कप्तान के चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “हमने आज जानबूझकर छह बल्लेबाजों को मौका दिया। हमारा उद्देश्य पांच फ्रंटलाइन गेंदबाजों के साथ जाना और खुद को चैलेंज करना था। हम देखना चाहते थे कि अगर हम 180 या 200 रनों का पीछा कर रहे हों और हमारे दो-तीन विकेट जल्दी गिर जाएं, तो टीम उस दबाव को कैसे संभालती है।”
Suryakumar Yadav on India Loss: वर्ल्ड कप टीम को प्राथमिकता
सूर्यकुमार ने यह भी साफ किया कि प्लेइंग इलेवन का चुनाव आगामी टी20 वर्ल्ड कप को ध्यान में रखकर किया गया था। उन्होंने बताया कि टीम उन सभी खिलाड़ियों को गेम टाइम देना चाहती थी जो वर्ल्ड कप स्क्वाड का हिस्सा हैं। सूर्या के अनुसार, अगर प्रयोग नहीं करने होते तो वे बेंच पर बैठे अन्य खिलाड़ियों को आजमा सकते थे, लेकिन प्राथमिकता मुख्य खिलाड़ियों को चुनौतीपूर्ण स्थितियों में डालने की थी।

चेजिंग के दौरान जिम्मेदारी लेने की कोशिश
टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने के फैसले पर भी कप्तान ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम पिछले कुछ समय से पहले बल्लेबाजी करते हुए शानदार प्रदर्शन कर रही है। इसलिए, उन्होंने लक्ष्य का पीछा करने का विकल्प चुना ताकि शीर्ष क्रम के विफल होने पर मध्यक्रम की जिम्मेदारी और क्षमता को मापा जा सके। उनके अनुसार, मैच का परिणाम भले ही पक्ष में न रहा हो, लेकिन यह एक “गुड लर्निंग” अनुभव था।
कीवी टीम का पलटवार और मैट हेनरी का बयान
दूसरी ओर, न्यूजीलैंड की जीत ने उनके मजबूत चरित्र को दर्शाया। कीवी तेज गेंदबाज मैट हेनरी ने जीत के बाद कहा कि लगातार हार के बाद वापसी करना आसान नहीं होता, लेकिन उनकी टीम ने हार नहीं मानी। हेनरी ने मैच के दौरान गीली परिस्थितियों (ओस) और छोटे मैदान की चुनौती को स्वीकार किया। उन्होंने बताया कि उनका मुख्य ध्यान विकेट लेने पर था, जिससे रनों की गति पर अंकुश लगाया जा सके।
मैच का संक्षिप्त लेखा-जोखा
मिचेल सेंटनर, जैकब डफी और ईश सोढ़ी की धारदार गेंदबाजी के सामने भारतीय बल्लेबाजी ताश के पत्तों की तरह ढह गई। न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए एक चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया था, जिसके जवाब में भारत की पारी लड़खड़ा गई। भारतीय खेमे के लिए यह हार एक चेतावनी की तरह है कि बल्लेबाजी की गहराई कम करने से किसी भी दिन टीम मुश्किल में पड़ सकती है।
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