Surya Grahan 2026 Rashifal: कुंभ राशि में सूर्य ग्रहण, जानें सभी राशियों पर प्रभाव

Solar Eclipse 2026 illustration showing sun partially covered by moon against dark sky.

साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी, मंगलवार को लगने जा रहा है। ज्योतिषीय दृष्टि से यह ग्रहण अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह कुंभ राशि और धनिष्ठा नक्षत्र में घटित होगा। लगभग 37 वर्षों के बाद कुंभ राशि में सूर्य, चंद्रमा, बुध और शुक्र की युति के बीच यह ग्रहण लग रहा है, जिसका गहरा प्रभाव मेष से लेकर मीन तक सभी 12 राशियों पर पड़ेगा।

सूर्य ग्रहण 2026: कुंभ राशि में चार ग्रहों का महासंयोग

ज्योतिष गणना के अनुसार, 17 फरवरी को होने वाला यह ग्रहण विशेष परिस्थितियों में बन रहा है। कुंभ राशि में सूर्य के साथ तीन अन्य प्रमुख ग्रहों की मौजूदगी इसके प्रभाव को और अधिक प्रभावशाली बना रही है। विद्वानों का मानना है कि ग्रहण का असर केवल उस दिन नहीं, बल्कि आगामी तीन महीनों तक बना रहता है। इस दौरान धनिष्ठा नक्षत्र का प्रभाव होने से तकनीकी और आर्थिक क्षेत्रों में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

Surya Grahan 2026 Rashifal: मेष, वृषभ और मिथुन राशि पर प्रभाव

मेष राशि: आपके लिए यह ग्रहण करियर में नए द्वार खोलने वाला साबित हो सकता है। एकादश भाव (लाभ स्थान) में ग्रहण होने से आपकी रुकी हुई आय शुरू हो सकती है।

  • उपाय: तांबे की वस्तुओं का दान करना शुभ रहेगा।

वृषभ राशि: दशम भाव में ग्रहण होने के कारण कार्यक्षेत्र में संघर्ष बढ़ सकता है। मानसिक तनाव से बचने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय टालें।

  • उपाय: भगवान विष्णु के ‘अच्युत’ स्वरूप की पूजा करें।

मिथुन राशि: नवम भाव में ग्रहण आपके भाग्य और पारिवारिक संबंधों को प्रभावित करेगा। कोर्ट-कचहरी के मामलों में सावधानी बरतें और विवादों से दूर रहें।

  • उपाय: ‘ओम सूर्याय नमः’ का जाप करें।

कर्क, सिंह और कन्या राशि: सेहत और साझेदारी पर ध्यान दें

कर्क राशि: अष्टम भाव का ग्रहण स्वास्थ्य के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। खान-पान और दुर्घटनाओं के प्रति सजग रहें। कार्यस्थल पर किसी की साजिश का शिकार न बनें।

  • उपाय: गुड़ और गेहूं का दान करें।

सिंह राशि: सप्तम भाव में ग्रहण होने से वैवाहिक जीवन और बिजनेस पार्टनरशिप में तनाव आ सकता है। कोई भी बड़ा निवेश करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लें।

  • उपाय: सूर्य गायत्री मंत्र का पाठ करें।

कन्या राशि: छठे भाव में ग्रहण होने से शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, लेकिन मेहनत अधिक करनी पड़ेगी। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति के अवसर मिल सकते हैं।

  • उपाय: रविवार को लाल वस्त्र धारण करें।

तुला, वृश्चिक और धनु राशि: आर्थिक फैसले सोच-समझकर लें

तुला राशि: पंचम भाव में ग्रहण आपकी निर्णय क्षमता को प्रभावित कर सकता है। शेयर बाजार या सट्टेबाजी से दूर रहें। संतान पक्ष की चिंता सता सकती है।

  • उपाय: आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।

वृश्चिक राशि: चतुर्थ भाव में ग्रहण सुख-सुविधाओं में कमी ला सकता है। माता की सेहत का ध्यान रखें, हालांकि संपत्ति के मामलों में लाभ की स्थिति बन सकती है।

  • उपाय: जरूरतमंदों को लाल कंबल या वस्त्र दें।

धनु राशि: तृतीय भाव का ग्रहण आपके आत्मविश्वास में वृद्धि करेगा। भाई-बहनों के सहयोग से अटके हुए काम पूरे होंगे। यात्रा के योग भी बन रहे हैं।

  • उपाय: सूर्य चालीसा का नियमित पाठ करें।

मकर, कुंभ और मीन राशि: धन लाभ और सावधानी का समय

मकर राशि: द्वितीय भाव में ग्रहण धन लाभ के प्रबल संकेत दे रहा है। आपकी वाणी का प्रभाव बढ़ेगा, जिससे बिगड़े काम बन सकते हैं।

  • उपाय: सूर्य को अर्घ्य दें।

कुंभ राशि: ग्रहण आपकी ही राशि (लग्न) में लग रहा है, इसलिए सबसे अधिक सावधानी आपको ही रखनी है। चोट लगने का भय है और स्वभाव में चिड़चिड़ापन आ सकता है।

  • उपाय: राहु के बीज मंत्र ‘ओम रां राहवे नमः’ का जाप करें।

मीन राशि: द्वादश भाव में ग्रहण होने से फिजूलखर्ची बढ़ सकती है। विदेश यात्रा की योजना बना रहे हैं तो कागजी कार्रवाई में सावधानी बरतें।

  • उपाय: ‘ओम घृणि सूर्याय नम:’ का जाप करें।

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