नई दिल्ली। NEET पेपर विवाद को लेकर हुए आंदोलन और 20 से 25 जुलाई के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से किए गए प्रदर्शन में प्रदर्शनकारियों पर दर्ज FIR को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है। कोर्ट ने प्रदर्शन से जुड़े मामलों में दर्ज FIR रद्द करने का आदेश दिया है। यह आदेश देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू होगा। हालांकि, कोर्ट ने साफ किया है कि जिन लोगों के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं, उन्हें इस आदेश का लाभ नहीं मिलेगा। सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत मिली विशेष शक्ति का इस्तेमाल करते हुए NEET विवाद को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR को रद्द करने का आदेश दिया।
सरकार ने दाखिल किया था आवेदन
केंद्र सरकार की ओर से दिल्ली पुलिस ने NEET पेपर लीक के विरोध में हुए छात्र प्रदर्शनों से जुड़ी FIR रद्द करने के लिए 31 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में आवेदन दाखिल किया था। यह एक अंतरिम आवेदन था। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि केंद्र और दिल्ली पुलिस के अलावा बिहार, असम, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र ने भी छात्र प्रदर्शनों से जुड़ी FIR रद्द करने के लिए आवेदन दाखिल किए हैं।
CJP ने वापस लिया 5 सितंबर का दिल्ली मार्च
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 5 सितंबर को प्रस्तावित दिल्ली मार्च वापस ले लिया है। CJP प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि संगठन सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करेगा। उन्होंने इस फैसले के लिए कोर्ट और संगठन की ओर से पैरवी करने वाले वकीलों का धन्यवाद भी किया।

