Bhojshala Videography: मध्य प्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला परिसर के ASI सर्वेक्षण को लेकर चल रहे कानूनी विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को महत्वपूर्ण निर्देश देते हुए कहा कि सर्वेक्षण के दौरान की गई वीडियोग्राफी और उस पर मुस्लिम पक्ष द्वारा उठाई गई आपत्तियों पर अंतिम फैसला मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ही करेगा। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने मुस्लिम पक्ष की याचिका पर सुनवाई करते हुए मेरिट पर कोई राय व्यक्त करने से इनकार कर दिया और स्पष्ट किया कि पक्ष अपनी चिंताओं और ASI सर्वे के वीडियोग्राफी फुटेज उपलब्ध कराने की मांग को लेकर वापस हाई कोर्ट जा सकता है, जहां 2 अप्रैल को होने वाली सुनवाई में सभी आपत्तियों पर निष्पक्षता से विचार किया जाएगा।
Bhojshala Videography: मध्य प्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला परिसर के ASI सर्वेक्षण को लेकर चल रहे कानूनी विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि सर्वेक्षण के दौरान की गई वीडियोग्राफी और उस पर उठाई गई आपत्तियों पर अंतिम फैसला मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ही करेगा।
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार कर हाई कोर्ट जाने की सलाह दी
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने मुस्लिम पक्ष की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि उन्हें इस बात पर पूरा भरोसा है कि हाई कोर्ट प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन करते हुए वीडियोग्राफी फुटेज का सूक्ष्म परीक्षण करेगा। सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष से कहा कि वे अपनी चिंताओं और आपत्तियों को लेकर वापस मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का रुख करें। कोर्ट ने यह भी साफ किया कि उसने मामले के मेरिट पर कोई राय नहीं दी है और सभी कानूनी मुद्दे हाई कोर्ट की अंतिम सुनवाई के लिए खुले रहेंगे।
वीडियोग्राफी फुटेज उपलब्ध न कराने पर विरोध
मुस्लिम पक्ष ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा कराए गए सर्वे की वीडियोग्राफी फुटेज उपलब्ध न कराए जाने पर आपत्ति दर्ज कराई थी। उन्होंने हाई कोर्ट में 11 मार्च को आवेदन दायर किया था, लेकिन 16 मार्च को इस पर सुनवाई नहीं हो सकी। पक्षकारों ने मांग की थी कि भोजशाला सर्वेक्षण की वीडियोग्राफी फुटेज उन्हें भी उपलब्ध कराए जाएं और इंदौर खंडपीठ में 2 अप्रैल को होने वाली सुनवाई से पहले उनकी दलीलों को विस्तार से सुना जाए।
अब फैसला हाई कोर्ट के हाथ में, 2 अप्रैल को महत्वपूर्ण सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट के इस रुख के बाद अब पूरा मामला मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के पास पहुंच गया है। शीर्ष अदालत ने भरोसा जताया है कि हाई कोर्ट वीडियोग्राफी फुटेज देखने के बाद सभी पक्षों की आपत्तियों पर निष्पक्ष रूप से विचार करेगा और साक्ष्यों के आधार पर ही आगे का निर्णय लेगा।
