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Sun Transit Astrology : सूर्य गोचर का प्रभाव कुछ राशियों के जातकों हिदायद जानिए उपाय व ज्योतिषीय संकेत

Sun Transit Astrology : सूर्य गोचर का प्रभाव कुछ राशियों के जातकों हिदायद जानिए उपाय व ज्योतिषीय संकेत-ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को आत्मा, ऊर्जा, नेतृत्व, स्वास्थ्य और आत्मविश्वास का कारक माना गया है। सूर्य का प्रत्येक राशि में गोचर लगभग एक माह का होता है और इसका प्रभाव सभी 12 राशियों पर अलग-अलग रूप में दिखाई देता है। कभी यह गोचर सफलता और सम्मान दिलाता है, तो कभी कुछ राशियों के लिए सावधानी, संयम और सही निर्णय की आवश्यकता पैदा करता है।इस लेख में हम उन राशियों की चर्चा करेंगे, जिन्हें सूर्य गोचर के दौरान विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए, साथ ही जानेंगे सरल ज्योतिषीय उपाय, जिससे नकारात्मक प्रभावों को काफी हद तक कम किया जा सकता है। सूर्य के गोचर से किन राशियों को रहना होगा सावधान ? जानिए कर्क, मिथुन, मेष, कुंभ और वृश्चिक राशि पर प्रभाव, ज्योतिषीय उपाय और निष्कर्ष।

सूर्य गोचर के दौरान सावधान रहने वाली राशियां – (सामान्य प्रभाव)

कर्क राशि (Cancer)-इस गोचर में कर्क राशि वालों को दांपत्य जीवन में तनाव का सामना करना पड़ सकता है। जीवनसाथी से मतभेद बढ़ सकते हैं। व्यापार और करियर में जल्दबाज़ी नुकसान दे सकती है इस राशि के जातकों के लिए ज्योतिषाचार्यों की सलाह है की बड़े फैसले सोच-समझकर लें और संवाद में संयम रखें।

मिथुन राशि (Gemini)

मिथुन राशि-मिथुन राशि के लिए यह समय मानसिक और पारिवारिक तनाव बढ़ा सकता है। घर का माहौल अशांत रह सकता है,मां से वैचारिक मतभेद संभव साथ ही वाहन चलाते समय विशेष सावधानी जरूरी है। सलाह हैं की बड़े कार्यक्षेत्रीय निर्णय फिलहाल टालना बेहतर रहेगा।

मेष राशि (Aries)

मेष राशि-मेष राशि वालों को व्यापार और वैवाहिक जीवन में संतुलन बनाकर चलना होगा। साझेदारी में विवाद
विवाहित जीवन में गलत-फहमियां हो सकती हैं। इनके लिए ज्योतिषी सलाह है कि धैर्य और समझदारी से स्थितियों को संभालें।

कुंभ राशि (Aquarius)

कुंभ राशि-कुंभ राशि के जातकों के लिए यह गोचर सेहत और खर्चों को प्रभावित कर सकता है। अनावश्यक खर्च बढ़ सकते हैं
मानसिक चिंताएं और थकान हो सकती है। सलाह के तौर पर ज्योतिष गुरुओं ने बजट पर नियंत्रण रखें और स्वास्थ्य को नज़रअंदाज़ न करें।

वृश्चिक राशि (Scorpio)

वृश्चिक राशि-वृश्चिक राशि के लिए यह समय अचानक घटनाओं वाला हो सकता है,लेन-देन में सावधानी जरूरी बरतें क्योंकि
जल्दबाज़ी से नुकसान हो सकता है। इनके नई सलाह है की कोई भी निर्णय भावनाओं में बहकर न लें।

सूर्य गोचर के दुष्प्रभाव से बचाव के उपाय (सामान्य)

सूर्य को अर्घ्य दें-प्रतिदिन सुबह उगते सूर्य को जल अर्पित करें। जल में थोड़ा गुड़ मिलाना विशेष फलदायी माना जाता है। साथ ही सूर्य मंत्रों का जाप करें।

आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ-इस स्तोत्र का नियमित पाठ आत्मबल, साहस और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है। विशेष रूप से कार्यक्षेत्र में आत्मविश्वास बढ़ता है।

दान-पुण्य करें-गरीबों को गुड़, खिचड़ी या अनाज का दान करें। इससे सूर्य के अशुभ प्रभाव कम होते हैं।

शिव पूजन-भगवान शिव की आराधना करें और उन्हें गुड़ का भोग लगाएं।,यह उपाय वृश्चिक राशि के लिए विशेष रूप से लाभकारी माना गया है।

क्रोध और जल्दबाज़ी से बचें-सूर्य गोचर के दौरान क्रोध बढ़ सकता है,आर्थिक और पारिवारिक मामलों में शांत और विवेकपूर्ण निर्णय लें। स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखेंजब सूर्य नीच राशि में होता है, तब पैरों और घुटनों के दर्द जैसी समस्याएँ हो सकती हैं। नियमित योग और दिनचर्या संतुलित रखें।

निष्कर्ष (Conclusion)-सूर्य का गोचर एक नियमित लेकिन प्रभावशाली ज्योतिषीय घटना है, जिसका असर हर राशि पर अलग-अलग रूप में पड़ता है। जहाँ कुछ राशियों के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण हो सकता है, वहीं सही उपाय, संयम और सकारात्मक सोच से इन प्रभावों को काफी हद तक संतुलित किया जा सकता है। हालाँकि, यह लेख सामान्य ज्योतिषीय प्रभावों पर आधारित है। अधिक सटीक और व्यक्तिगत मार्गदर्शन के लिए अपनी कुंडली के अनुसार ज्योतिषीय सलाह लेना सबसे उत्तम विकल्प होता है।

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