Delhi Elections 2025 : भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 2008 में हुए खौफनाक 26/11 मुंबई आतंकी हमले के दोषी तहव्वुर राणा को भारत को सौंपने का फैसला सुनाया है। निश्चित रूप से यह फैसला हर भारतीय के लिए संतोष की बात है। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के कूटनीतिक कौशल के कारण यह संभव हो पाया है। इससे पहले संयुक्त राष्ट्र ने 5 साल पहले मसूद अजहर को आतंकी घोषित करवाने में सफलता हासिल की थी।
सीएम आतिशी के परिवार पर साधा निशाना। Delhi Elections 2025
ऐसे में कहा जा सकता है कि यह भारत की सुरक्षा और प्रतिष्ठा तथा कूटनीतिक कौशल के क्षेत्र में एक युग की शुरुआत है। अफजल गुरु को बचाने के तरीके खोज रहे थे आतिशी के परिजन सुधांशु त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी की सीएम आतिशी के परिजन अफजल गुरु से माफी मांगकर एक आतंकी आरोपी को बचाने के तरीके खोज रहे थे। यह आम आदमी पार्टी का चरित्र है। वहीं, भाजपा का संकल्प है कि किसी भी आतंकी को भागने का मौका नहीं दिया जाएगा।
दिल्ली चुनाव में 2008 के हमले का जिक्र। Delhi Elections 2025
सुधांशु त्रिवेदी ने 2008 के आतंकी हमले का जिक्र कर तत्कालीन यूपीए-2 सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 2008 के हमले के बाद भारतीय सेना जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार थी लेकिन तत्कालीन सरकार को डर था कि इससे भारतीय जनता पार्टी को फायदा हो सकता है। ओबामा की एक किताब में भी इसका जिक्र है। वहीं, पीएम मोदी की सरकार आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान से कोई बातचीत नहीं करेगी।
केजरीवाल का मुखौटा उतर चुका है। Delhi Elections 2025
महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों का जिक्र किया जहां भाजपा सरकार ने योजना शुरू की थी और चुनाव तक कुछ किस्तें भी दे दी थीं। वहीं, आम आदमी पार्टी सरकार पर आरोप लगाया कि उन्होंने योजना को लागू नहीं किया और उन योजनाओं के बंद होने का झूठा भ्रम पैदा कर रहे हैं। ऐसे में सुधांशु त्रिवेदी ने सीधे केजरीवाल पर हमला बोलते हुए कहा कि अब जनता के सामने आप मुखिया का मुखौटा उतर चुका है।
उत्तराखंड नगर निगम चुनाव का भी जिक्र किया।
सुधांशु त्रिवेदी ने उत्तराखंड के 11 में से 10 नगर निगमों में भाजपा की जीत का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वहां की ठंडी हवाओं का असर दिल्ली में भी जरूर दिखेगा। अरविंद केजरीवाल पर हमला करते हुए भाजपा सांसद ने कहा कि आम आदमी पार्टी के मुखिया पागल हो गए हैं। कुछ समय पहले दिल्ली के स्कूलों में बम की फर्जी धमकी वाले फोन आए थे। पुलिस ने जब मामले की जांच की तो एक नाबालिग पकड़ा गया। इस नाबालिग के माता-पिता के ऐसे एनजीओ से संबंध थे जो अफजल गुरु जैसे आतंकवादियों का रास्ता बना रहे थे। या फिर उनसे सहानुभूति रखते थे।