GDC रीवा में छात्राओं का जोरदार प्रदर्शन, एक सप्ताह में मांगें न पूरी होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी

Strong demonstration of girl students in GDC Rewa: रीवा जिले के एकमात्र शासकीय कन्या महाविद्यालय (जीडीसी) में आज छात्राओं ने कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन किया। सैकड़ों छात्राओं ने नारेबाजी करते हुए प्राचार्य को ज्ञापन सौंपा और कॉलेज में लंबे समय से चली आ रही गंभीर अनियमितताओं पर आवाज उठाई। छात्राओं ने बताया कि कैंपस के वाशरूम इतने गंदे हैं कि लड़कियां उनका उपयोग करने से कतराती हैं, चार-पांच वाटर कूलर लगे होने के बावजूद उनमें पानी नहीं आता और पीने के साफ पानी के लिए छात्राओं को तरसना पड़ता है। लाइब्रेरी में किताबें 5-6 साल पुरानी और वर्तमान सिलेबस से पूरी तरह बाहर हैं, जिससे परीक्षा की तैयारी मुश्किल हो रही है।

प्रैक्टिकल क्लासों के लिए तीन साल से केमिकल एक्सपायर पड़े हैं और स्पोर्ट्स ग्राउंड तथा कॉमन रूम की कोई ठोस व्यवस्था नहीं है। छात्राओं का सबसे बड़ा आरोप है कि एक ही प्राध्यापक बीए और एमए के सभी विषय पढ़ा रहे हैं, जबकि दूर-दराज के गांवों-झीला, त्योंथर आदि से आने वाली छात्राओं को सीसी (कॉपी चेकिंग) के नाम पर बार-बार बुलाकर परेशान किया जाता है और 2000 रुपये तक की मनमानी राशि वसूलकर ही काम किया जाता है।छात्राओं ने कहा कि हर साल ज्ञापन देने के बावजूद कोई सुधार नहीं होता, इसलिए यदि एक सप्ताह के अंदर उनकी सभी मांगें पूरी नहीं की गईं तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगी।

प्रदर्शन में छात्रा नेताओं ने कॉलेज प्रशासन पर लापरवाही और वादाखिलाफी का आरोप लगाया।प्राचार्य ने ज्ञापन प्राप्त करने के बाद आश्वासन दिया कि विभागाध्यक्षों, हॉस्टल वार्डन और संबंधित अधिकारियों की बैठक बुलाकर समस्याओं का जल्द समाधान किया जाएगा। उन्होंने सफाई, पानी, कैमरे, कॉमन रूम और अन्य व्यवस्थाओं पर चल रहे काम का जिक्र किया तथा कहा कि महाविद्यालय परिवार मिलकर छात्राओं की समस्याओं का निराकरण करेगा। हालांकि छात्राओं ने प्राचार्य के वादों पर संदेह जताते हुए कहा कि अब केवल ठोस और त्वरित कार्रवाई ही स्वीकार होगी, अन्यथा आंदोलन अनिवार्य होगा। यह प्रदर्शन कॉलेज में बुनियादी सुविधाओं की कमी और प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ छात्राओं के बढ़ते असंतोष को दर्शाता है।

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