सतना: मध्य प्रदेश के सतना जिले में आयोजित मुख्यमंत्री जन विश्वास शिविर के दौरान प्रशासनिक कसावट देखने को मिली है, जहां संभागायुक्त शीलेन्द्र सिंह ने सीएम हेल्पलाइन की विभागवार समीक्षा करते हुए कार्य में गंभीर लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की है। समीक्षा बैठक के दौरान एक साल तक देयक रोककर रखने और पदीय दायित्वों में कोताही बरतने के आरोप में आदिम जाति कल्याण विभाग के लेखापाल आशुतोष मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
इसके अलावा, शिविर के दौरान अनुकंपा नियुक्ति से जुड़ा एक अन्य गंभीर प्रकरण भी सामने आया, जिसे लगभग एक साल से अनावश्यक रूप से लंबित रखा गया था। इस मामले में संज्ञान लेते हुए संभागायुक्त ने नगर निगम की गेस्ट संपरीक्षक आरती गुप्ता के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, साथ ही इस पूरे प्रकरण की जांच की जिम्मेदारी जेडी रीवा को सौंपी गई है।
समीक्षा बैठक के अंत में संभागायुक्त शीलेन्द्र सिंह ने सभी विभागीय अधिकारियों को दोटूक शब्दों में चेतावनी दी कि सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण में किसी भी स्तर पर लापरवाही या हीला-हवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को लंबित शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण समाधान 15 दिन की तय समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं और स्पष्ट किया है कि भविष्य में केवल शिकायतों के निस्तारण तक ही सीमित नहीं रहा जाएगा, बल्कि उनके नियमित फॉलोअप की भी कड़ी मॉनिटरिंग की जाएगी।

