Budget 2026 के बाद Stock Market में गिरावट, STT वृद्धि से निवेशक बेचैन..

Budget 2026 के बाद Stock Market में गिरावट, STT वृद्धि से निवेशक बेचैन..

Stock Market STT increase : शेयर बाजार इस बार के बजट पर अस्थिरता के साथ रिएक्शन दे रहा है। भारत सरकार द्वारा पेश किए गए बजट 2026-27 के तुरंत बाद बीएसई सेंसेक्स और एनएसई, Nifty 50 में तेज गिरावट दर्ज की गई है, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।

Budget 2026 के बाद Stock Market में गिरावट, STT वृद्धि से निवेशक बेचैन..

बजट के बाद क्यों ढहे बाजार?

दरसल बजट भाषण खत्म होते ही शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखी गई है। खासकर derivatives यानी डेरिवेटिव ट्रेडिंग से जुड़े Futures & Options (F&O) पर लगाया गया Securities Transaction Tax (STT) बढ़ाए जाने की घोषणा बाजार के लिए बड़ा झटका साबित हुई है। वित्त मंत्री ने STT को इस प्रकार संशोधित कि Futures पर STT 0.02% से बढ़ाकर 0.05%, Options पर STT 0.10/0.125% से बढ़ाकर 0.15% और इस पर विश्लेषकों का कहना है कि यह वृद्धि छोटे लेकिन बड़े trading costs को बढ़ाती है, जिससे derivatives ट्रेडर्स के लिए खर्चा भारी पड़ सकता है और उनकी गतिविधियाँ कम हो सकती हैं। इससे बाजार में volatility और नेगेटिविटी की भावना पैदा हुई है।

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मुख्य संकेतकों में गिरावट

बजट प्रस्तुति होने के बाद बाजार गहराई से प्रभावित रहा, Sensex ने बजट भाषण के तुरंत बाद लगभग 2,300 अंक तक गिरावट का सामना किया और कई स्तरों पर दबाव में ही रहा। Nifty 50 भी 24,800 के लेवल के नीचे पहुंच गया। इस गिरावट के कारण से बीएसई की कुल मार्केट कैप में कई लाख करोड़ रुपये का मूल्य घट गया है, जिससे निवेशकों के लिए चिंता का माहौल बना है।

किस सेक्टर पर सबसे अधिक असर?

शेयर बाजार में सभी क्षेत्रों में बिकवाली देखी गई, पर कुछ सेक्टरों पर इसका प्रभाव अधिक दिख रहा है। ब्रोकरेज और एक्सचेंज से जुड़े शेयर जैसे BSE Ltd, Angel One और Groww में भारी गिरावट दिखाई दी है। मुख्य भारत कंपनियाँ जैसे Reliance Industries और State Bank of India में भी कमजोरी रही। छोटे तथा मिडकैप शेयर भी व्यापक बिकवाली के दबाव में दिख रहे थे। विशेषज्ञों के अनुसार, STT वृद्धि ने short-term traders और high frequency traders की प्लानिंग को काफी प्रभावित किया, जिसके कारण बाजार में risk-off sentiment बढ़ा और बिकवाली तेज़ हुई।

निवेशकों को क्या सावधानियाँ रखनी चाहिए?

आर्थिक विश्लेषक का कहना है कि इस वृद्धि से market liquidity में कमी आने की सम्भावना है। इसलिए निवेशकों को लंबी अवधि पर ध्यान देना, रिस्क-समझ के हिसाब से निर्णय लेना, केवल अल्पकालिक उतार-चढ़ाव पर प्रतिक्रिया न करना आदि जैसी सावधानियाँ बरतनी चाहिए।

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बजट का व्यापक असर और आगे का outlook

हालाँकि Stock Market में तत्काल निगेटिव प्रभाव ही दिख रहा है, लेकिन बजट में दी गई अन्य आर्थिक नीतियाँ जैसे बुनियादी ढांचे और डिजिटल क्षेत्र पर जोर दी गई हैं, जो दीर्घकालिक विकास को अधिक प्रभावित कर सकती हैं। निवेश विशेषज्ञों का कहना है कि market sentiment धीरे-धीरे स्थिर हो सकता है, बशर्ते निवेशक अपना फोकस दीर्घकालिक आर्थिक अवसरों पर बनाए रखें।

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