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प्रदेश की मंत्री प्रतिमा बागरी एससी या राजपूत, क्या है उनकी जाति, समिति के समक्ष ब्रिटिश काल तक के रखे गए दस्तावेज

भोपाल। मध्यप्रदेश शासन की मंत्री व विंध्य क्षेत्र के सतना जिला अंतर्गत रैगांव विधानसभा से प्रतिनिधित्व करने वाली प्रतिमा बागरी की जाति को लेकर सवाल उठाए जा रहे है। मंत्री प्रतिमा बागरी ने मंत्रालय में अनुसूचित जाति मामलों की राज्य स्तरीय छानबीन समिति के समक्ष प्रस्तुत होकर अपने स्वयं के तथा बागरी जाति से संबधित दस्तावेज प्रस्तुत किए है। प्रतिमा बागरी के जाति को लेकर शिकायत करने वाले कांग्रेस नेता प्रदीप अहिरवार ने भी समिति के समक्ष दस्तावेज पेश किए है। दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी बातें समिति के सामने रखी है।

प्रतिमा ने कहां वे बागरी जाति की पहली लीर्डर नही…

जाति को लेकर समिति के सामने प्रतिमा बागरी ने अपने रिकार्ड प्रस्तुत करते हुए कहा कि वे अनुसूचित जाति वर्ग से है, क्योकि जो दस्तावेज है उसमें बागरी समुदाय को राजपूत उपजाति के रूप में कही भी उल्लेख नही है। उन्होने 110 वर्ष पुराने खसरा-खतौनी रिकॉर्ड समेत अन्य दस्तावेज प्रस्तुत किए। मंत्री प्रतिमा बागरी ने यह तर्क भी दिया कि बागरी समाज के नेताओं को वर्षों से अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित विधानसभा सीटों से चुनाव लड़ाया जाता रहा है। उन्होंने कहा कि केवल भाजपा ही नहीं, बल्कि कांग्रेस ने भी गुनौर जैसी एससी आरक्षित सीट से महेंद्र बागरी और काशी बागरी को उम्मीदवार बनाया था। उनके दादा जुगल किशोर बागरी भी सतना जिले की रैगांव विधानसभा सीट से विधायक रह चुके हैं। प्रतिमा बागरी का आरोप है कि उनके खिलाफ राजनीतिक साजिश रची जा रही है। जब से वे मंत्री बनी है, उनके जाति प्रमाण पत्र पर सवाल उठाए जाने लगे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग उन्हें बदनाम करने और दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

शिकायतकर्त्ता ने 430 पृष्ठों के सौंपे दस्तावेज

प्रतिमा बागरी के जाति को लेकर शिकायत करने वाले शिकायतकर्ता कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने समिति के समक्ष करीब 430 पृष्ठों के दस्तावेज सौंपे। उन्होंने ब्रिटिशकालीन गजट से लेकर भारत सरकार के गजट समेत कई तरह के अभिलेखों को प्रस्तुत करते हुए कहा है कि बागरी समुदाय मूल रूप से सामान्य वर्ग का हिस्सा रहा है। उन्होने बागरी परिवार को लेकर कई तरह के दस्तावेज समिति के समक्ष प्रस्तुत किए है।

जाति को लेकर फिलहाल फैसला नही…

अनुसूचित जाति कल्याण विभाग वाली राज्य स्तरीय छानबीन समिति ने दोनों पक्षों को सुना है। समिति अब साक्ष्यों और रिकॉर्ड का परीक्षण करेगी। जिसके बाद प्रतिमा बागरी की जाति को लेकर निणर्य होगा कि वे एससी वर्ग से है या राजपूत!

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