Special Lecture Program : समानता-सशक्तिकरण की ओर एक सशक्त पहल,TRS रीवा में विशेष संवाद-राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर समाजशास्त्र विभाग, टी.आर.एस. कॉलेज, रीवा में “समाजशास्त्रीय दृष्टि से महिला सशक्तिकरण,चुनौतियां और संभावनाएं” विषय पर एक विशेष संवाद कार्यक्रम एवं व्याख्यान का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों और शैक्षणिक समुदाय को महिला सशक्तिकरण, सामाजिक समानता और न्याय के महत्व से अवगत कराना तथा समाज में सकारात्मक परिवर्तन के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. अर्पिता अवस्थी के मार्गदर्शन में,समाजशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो.अखिलेश शुक्ल के निर्देशन में तथा डॉ. महानंद द्विवेदी के संयोजकत्व में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस अवसर पर महाविद्यालय का वातावरण ज्ञान, संवेदना और सामाजिक चेतना से परिपूर्ण दिखाई दिया। टीआरएस कॉलेज रीवा के समाजशास्त्र विभाग में राष्ट्रीय महिला दिवस 2026 के अवसर पर महिला सशक्तिकरण पर विशेष संवाद और व्याख्यान का आयोजन हुआ। जानिए कार्यक्रम की प्रमुख बातें, वक्ताओं के विचार और निष्कर्ष।
कार्यक्रम का शुभारंभ एवं सांस्कृतिक प्रस्तुति
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन एवं पुष्प अर्पण के साथ किया गया। इसके पश्चात समाजशास्त्र विभाग की प्रतिभाशाली छात्रा स्वरातिमिका द्विवेदी ने मधुर स्वर में सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर कार्यक्रम को भक्तिमय एवं सांस्कृतिक गरिमा प्रदान की।
उद्देश्य वाचन एवं प्रेरक संबोधन
कार्यक्रम का उद्देश्य वाचन करते हुए प्रो. अखिलेश शुक्ल ने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल महिलाओं के अधिकारों का प्रश्न नहीं है, बल्कि यह समाज की स्थिरता, समानता और समग्र विकास की आधारशिला है। उन्होंने विद्यार्थियों से समाजशास्त्रीय दृष्टि से महिलाओं की स्थिति और उनके सामाजिक योगदान को समझने का आग्रह किया। डॉ. महानंद द्विवेदी ने अपने विचार रखते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण अधिकारों की प्राप्ति तक सीमित नहीं, बल्कि यह सामाजिक चेतना, समान अवसर और समतामूलक समाज की स्थापना का सतत प्रयास है। उन्होंने सभी से एक जागरूक और संवेदनशील समाज के निर्माण हेतु संकल्प लेने का आह्वान किया।
मुख्य व्याख्यान-महिला सशक्तिकरण की वर्तमान स्थिति और चुनौतियां
कार्यक्रम का मुख्य व्याख्यान आशीष द्विवेदी, जिला कार्यक्रम अधिकारी,महिला एवं बाल विकास विभाग,मऊगंज (मध्य प्रदेश) द्वारा प्रस्तुत किया गया। उन्होंने महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक सशक्तिकरण की वर्तमान स्थिति, उपलब्धियों एवं चुनौतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में महिलाओं के लिए संचालित सरकारी योजनाओं, नीतियों एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए कहा कि शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और नीतिगत समर्थन के माध्यम से ही महिलाओं को वास्तविक रूप से सशक्त बनाया जा सकता है।
शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता
कार्यक्रम में विभाग के वरिष्ठ अध्यापक डॉ. महानंद द्विवेदी, डॉ. मधुलिका श्रीवास्तव, डॉ. शाहिदा सिद्दीकी, डॉ. फरजाना बानो, डॉ. प्रियंका पांडे, डॉ. गुंजन सिंह तथा डॉ. प्रियंका तिवारी की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने भी संवाद में सक्रिय भागीदारी करते हुए प्रश्न पूछे और अपने अनुभव साझा किए, जिससे कार्यक्रम अत्यंत संवादात्मक, जीवंत और प्रभावशाली बन गया।
संचालन एवं आभार प्रदर्शन
कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ. प्रियंका पाण्डेय द्वारा किया गया, जिन्होंने पूरे आयोजन की प्रवाह व्यवस्था और समयबद्धता सुनिश्चित की। अंत में डॉ. फरजाना बानो द्वारा आभार प्रदर्शन प्रस्तुत किया गया।
निष्कर्ष (Conclusion)-टी.आर.एस. कॉलेज, रीवा में आयोजित यह विशेष संवाद कार्यक्रम न केवल शैक्षणिक दृष्टि से, बल्कि सामाजिक चेतना और नैतिक मूल्यों के संवर्धन की दृष्टि से भी अत्यंत प्रेरणादायक सिद्ध हुआ। महिला सशक्तिकरण पर केंद्रित इस आयोजन ने विद्यार्थियों को जागरूक बनाने के साथ-साथ एक समतामूलक, न्यायपूर्ण और संवेदनशील समाज के निर्माण की दिशा में सकारात्मक संदेश दिया।

