रीवा। रीवा जिले में अपनी संक्षिप्त लेकिन प्रभावशाली पारी खेलने के बाद निवर्तमान पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र सिंह चौहान अब नई जिम्मेदारी संभालने के लिए तैयार हैं। भोपाल में डिप्टी कमिश्नर (DCP) के पद पर पदोन्नत होने के बाद, विदाई समारोह से पूर्व उन्होंने पत्रकारों से रूबरू होकर अपने कार्यकाल के खट्टे-मीठे अनुभवों को साझा किया। उन्होंने रीवा को विकास की राह पर तेजी से दौड़ता हुआ शहर बताया और जिले की जनता से मिले स्नेह के प्रति आभार व्यक्त किया।
सहयोग और टीम वर्क से मिली सफलता
मीडिया से चर्चा करते हुए श्री चौहान ने कहा कि हालांकि रीवा में उनका कार्यकाल अपेक्षा से कम रहा, लेकिन यह समय उपलब्धियों और संतुष्टि से भरा था। उन्होंने कहा:
“रीवा में बेहतर पुलिसिंग और कानून-व्यवस्था को बनाए रखने में मुझे आम जनता, जनप्रतिनिधियों, सजग मीडिया और मेरी पूरी पुलिस टीम का जो भरपूर सहयोग मिला, वह काबिले तारीफ है। इसी टीम भावना के कारण हम कई चुनौतियों का सामना करने में सफल रहे।”
बढ़ता शहरीकरण और ट्रैफिक: भविष्य की सबसे बड़ी चुनौती
शहर के बुनियादी ढांचे पर चर्चा करते हुए निवर्तमान एसपी ने एक महत्वपूर्ण सुझाव साझा किया। उन्होंने माना कि रीवा एक समृद्ध और तेजी से विकसित होता शहर है, लेकिन इस विकास के साथ यातायात (Traffic) प्रबंधन एक बड़ी चुनौती के रूप में उभरा है। उन्होंने शहर की सूरत बदलने के लिए कुछ तकनीकी और व्यावहारिक समाधान सुझाए:
- रूट निर्धारण: शहर में बेतहाशा बढ़ रहे ऑटो और ई-रिक्शा के लिए अलग रूट तय करना अनिवार्य है।
- रोड इंजीनियरिंग: चौराहों पर ‘लेफ्ट टर्न फ्री’ करना और वन-वे व्यवस्था को सख्ती से लागू करना।
- प्रबंधन: बढ़ते वाहनों के दबाव को देखते हुए आधुनिक ट्रैफिक सिग्नलिंग और सड़कों की बनावट में सुधार।
पुलिस बल के विस्तार की आवश्यकता पर जोर
जिले की भौगोलिक स्थिति और बढ़ती जनसंख्या का जिक्र करते हुए शैलेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि रीवा जिले का विस्तार जिस गति से हो रहा है, उसके अनुपात में पुलिस बल की संख्या में बढ़ोत्तरी आवश्यक है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में होने वाली नई भर्तियों से न केवल बल की कमी दूर होगी, बल्कि विंध्य क्षेत्र की पुलिसिंग और अधिक सुदृढ़ और प्रभावी बनेगी।
अनमोल यादें लेकर जा रहे हैं भोपाल
रीवा की यादों को अपने जीवन की अनमोल पूंजी बताते हुए उन्होंने कहा कि यहां के लोगों का जुड़ाव और कार्य करने का वातावरण उन्हें हमेशा याद रहेगा। विदाई से पूर्व उन्होंने जिले के समस्त नागरिकों को शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए धन्यवाद दिया। अब वे भोपाल में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली के तहत डीसीपी के रूप में अपनी नई सेवाओं की शुरुआत करेंगे।

