Site iconSite icon SHABD SANCHI

अनशन पर उठे सवालों से नाराज हुए सोनम वांगचुक! गुस्साते हुए हॉस्पिटल से निकले, देखें वीडियो

vangchukvangchuk

vangchuk

25 दिनों तक भूख हड़ताल करने के बाद अनशन खत्म करने को लेकर उठ रहे सवालों पर सोनम वांगचुक ने नाराजगी जताई है। गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल से जारी एक वीडियो में उन्होंने कहा कि कुछ लोग उनसे पूछ रहे हैं कि उन्होंने केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में ही अनशन क्यों खत्म किया और क्या सरकार के साथ कोई समझौता हुआ है।

वांगचुक ने साफ कहा कि अगर उन्हें कोई सौदा ही करना होता, तो क्या 26 दिन तक भूखे रहने की जरूरत पड़ती? उन्होंने कहा कि इतनी लंबी भूख हड़ताल के बाद उनका करीब 11 किलो वजन कम हो गया, शरीर की मांसपेशियां कमजोर हो गईं और स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ा। उनका कहना था कि ऐसी स्थिति के बाद भी अगर उन्हें अपनी ईमानदारी साबित करनी पड़े, तो यह बेहद दुख की बात है।

उन्होंने बताया कि 23 जुलाई से उन्होंने डॉक्टरों की सलाह पर लिक्विड फूड लेना शुरू किया है, जिससे अब उनकी सेहत में थोड़ी सुधार हो रही है। हालांकि, उन्होंने कहा कि अस्पताल में रहते हुए भी उन्हें इन आरोपों का जवाब देना पड़ रहा है, जो उन्हें तकलीफ पहुंचा रहा है।

वांगचुक ने कहा कि उनके परिवार ने भी पिछले कई दिनों में काफी मुश्किल दौर देखा है। उनका मानना है कि जो लोग उन पर इस तरह के आरोप लगा रहे हैं, उनमें से कई राजनीतिक सोच से प्रभावित हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि अफवाहों और राजनीतिक आरोपों पर भरोसा न करें।

उन्होंने कहा कि अगर कोई निष्पक्ष व्यक्ति सवाल उठाता है तो उस पर बात की जा सकती है, लेकिन बिना सबूत लगाए जा रहे आरोपों पर ध्यान नहीं देना चाहिए। वांगचुक ने कहा कि उनका आंदोलन पूरी ईमानदारी से छात्रों के मुद्दों और अपनी मांगों को लेकर था, और उसी भावना के साथ उन्होंने यह कदम उठाया।

Exit mobile version