शरीर में बार-बार थकान होना, आपका अचानक वजन बढ़ना या हमेशा ठंड लगना, ये मामूली समस्याएं नहीं भी हो सकतीं हैं। डॉक्टरों के अनुसार ये संकेत Slow Metabolism की ओर से इशारा कर सकते हैं। जब शरीर कैलोरी को ऊर्जा में सही तरह से नहीं बदल पाता है, तो इसका असर पाचन, त्वचा, बाल और शरीर की ताकत पर दिखने लगता है।

तेजी से वजन बढ़ना और घटाने में कठिनाई
यदि आप सामान्य मात्रा में भोजन को कर रहे हैं, फिर भी आपका वजन लगातार बढ़ रहा है या बहुत कोशिशों के बाद भी कम नहीं हो रहा, तो यह Slow Metabolism का सबसे प्रमुख संकेत माना जाता है। शरीर कैलोरी को सही गति से बर्न नहीं कर पाता, जिससे आपके शरीर में फैट जमा होने लगता है।
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कब्ज़ और धीमी पाचन क्रिया
डॉक्टर ऐसा बताते हैं कि मेटाबॉलिज्म और पाचन का आपस में गहरा संबंध होता है। जब आपका मेटाबॉलिक रेट कम होता है, तो खाना पचने में बहुत अधिक समय लगता है। इससे कब्ज़, पेट भारी रहना और गैस जैसी समस्याएं बहुत हद तक होने लगती हैं।
हर समय ठंड महसूस होना
कुछ लोग सामान्य तापमान में भी ठंड महसूस करने लगते हैं। इसका कारण शरीर में ताकत कम होना हो सकता है। Slow Metabolism के कारण शरीर पर्याप्त गर्मी नहीं बना पाता, जिससे व्यक्ति को दूसरों की तुलना में ज्यादा ठंड लगने लगती है।
त्वचा का रूखा होना और बालों का झड़ना
आपकी स्किन का ड्राई होना, बालों का बेजान दिखना या तेजी से झड़ना भी इस समस्या का संकेत हो सकता है। जब शरीर पोषक तत्वों को सही तरह से शरीर में उपयोग नहीं कर पाता है, तो इसका असर सबसे पहले त्वचा और बालों पर दिखाई देता है।
लगातार थकान और नींद आना
पर्याप्त नींद लेने के बाद भी यदि दिनभर आपको थकान महसूस होती है, तो काम में मन नहीं लगता या बार-बार नींद आती है, तो यह शरीर में ताकत की कमी का संकेत होता है। डॉक्टरों के मुताबिक Slow Metabolism में शरीर ऊर्जा बनाने की प्रक्रिया धीमी कर देता है।
मीठा खाने की बार-बार इच्छा
जब शरीर को तुरंत ताकत की जरूरत महसूस होती है, तो मीठा या हाई-कार्ब फूड खाने की क्रेविंग ज्यादा बढ़ जाती है। यह भी ऐसा संकेत हो सकता है कि मेटाबॉलिज्म सही तरह से काम नहीं कर रहा है।
बिना कारण सुस्ती और कम एक्टिव महसूस करना
यदि आप पहले की तुलना में कम एक्टिव महसूस कर रहे हैं, जल्दी थक जाते हैं या शरीर में सुस्ती बनी रहती है, तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
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कब डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी?
ये सभी लक्षण अन्य कारणों से भी हो सकते हैं, जैसे थायरॉयड समस्या, हार्मोनल असंतुलन या खराब जीवनशैली का नतीजा । इसलिए यदि ये संकेत लंबे समय तक लगातार बने रहें, तो जांच कराना जरूरी होता है। केवल लक्षणों के आधार पर निष्कर्ष निकालना सही नहीं होता है। Slow Metabolism कोई अचानक होने वाली स्थिति नहीं है, बल्कि यह धीरे-धीरे शरीर में बदलाव लाता है।
