यूपी। उत्तर प्रदेश में लगातार मूसलाधार बारिश के कारण गंगा और घाघरा समेत 6 प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे प्रदेश के 13 जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। लखनऊ-बाराबंकी समेत 5 शहरों में शनिवार सुबह से रुक-रुककर बारिश हो रही है। बारिश और बाढ़ की इस तबाही से जन-जीवन पूरी तरह से तहत-नहस हो गया है। इससे लोगो के जीवन स्तर पर सीधा प्रभाव पड़ रहा है, वही क्षेत्र में राहत बचाव के कार्य किए जा रहे है।
खतरे के निशान से ऊपर बह रही ये नदियां
उत्तर-प्रदेश में बहने वाली प्रमुख नदियों में से गंगा, घाघरा, शारदा, टोंस, सोन और मंदाकिनी नदी का जल स्तर खतरे के निशान से काफी उपर बह रहा है। जिससे प्रयागराज, चित्रकूट, वाराणसी, बदायूं, बहराइच, बलिया, बाराबंकी, और बिजनौर जिले में नदियों का पानी रहवासी क्षेत्र में पहुच गया और लोगो की गृहस्थी पानी में तैर रही है। जिलों में बाढ़ का पानी तबाही के रूप में सामने आ रहा है। प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर बढ़ने से उक्त नदियों का पानी कई गांवों और शहरी बस्तियों में भर गया है। इससे लोगों को घरों से निकाल कर उन्हे राहत शिविरों में पहुचाया गया हैं।
वाराणसी के सभी 84 घाट डूबे
लगातार बारिश और गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण वाराणसी के सभी 84 घाट जलमग्न हो गए हैं। दशाश्वमेध घाट के पूरी तरह डूबने के बाद प्रसिद्ध दैनिक गंगा आरती को भी सुरक्षित स्थान यानी छतों और छज्जों पर स्थानांतरित किया गया है। जिससे घाट की बजाए अब आरती छत पर या फिर छज्जा से की जा रही है।
अंतिम संस्कार के लिए वाराणासी का सबसे फेमस मणिकर्णिका घाट का शवदाह स्थल और प्लेटफॉर्म डूब जाने के कारण अब मजबूरन ऊंची छतों और छज्जों पर अंतिम संस्कार किया जा रहा है। हरिश्चंद्र घाट पर शवदाह के लिए गलियों का सहारा लिया जा रहा है, और सुरक्षा को देखते हुए नावों के संचालन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।

