Simhastha Kumbh Mela 2028: इस बार रेल बजट में इंदौर का भी खास ध्यान रखा गया है, क्योंकि ढाई साल बाद उज्जैन में सिंहस्थ मेला लगने वाला है। इसके लिए मेला स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी। साथ ही मध्य प्रदेश को पांच वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की जोड़ी मिलेगी, जिनमें से दो इंदौर को आवंटित हो सकती हैं।
Simhastha Kumbh Mela 2028: केंद्रीय बजट 2026-27 (Union Budget 2026-27) में भारतीय रेलवे (Indian Railways) के लिए रिकॉर्ड आवंटन के साथ मध्य प्रदेश को रेलवे विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सौगातें मिली हैं। राज्य में यात्री सुविधाओं, नई ट्रेनों और इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष फोकस किया गया है, जिससे मालवा क्षेत्र सहित पूरे प्रदेश के सामाजिक-आर्थिक विकास को बल मिलेगा।
सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखकर स्पेशल व्यवस्थाएं
आगामी सिंहस्थ कुंभ मेला (2028) (Simhastha Kumbh Mela 2028) को देखते हुए रेलवे ने विशेष तैयारियां की हैं। सिंहस्थ के दौरान मेला स्पेशल ट्रेनें (special trains) चलाई जाएंगी। इसके अलावा उज्जैन और आसपास के 50 किलोमीटर क्षेत्र के रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं में वृद्धि की जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर यात्रा अनुभव मिल सके।
मध्य प्रदेश को 5 जोड़ी वंदे भारत एक्सप्रेस
रेल बजट में मध्य प्रदेश को पांच जोड़ी वंदे भारत एक्सप्रेस (Vande Bharat Express) ट्रेनें आवंटित की गई हैं। इनमें से दो ट्रेनें इंदौर को मिलने की संभावना है, जो मालवा क्षेत्र के यात्रियों के लिए बड़ी राहत होगी। साथ ही प्रदेश में चार अमृत भारत एक्सप्रेस (Amrit Bharat Express) ट्रेनें भी संचालित की जा रही हैं। इंदौर सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि ये ट्रेनें विभिन्न जिलों को कवर करेंगी। उन्होंने इसे राज्य के सामाजिक-आर्थिक विकास और यात्री सुविधाओं में वृद्धि का महत्वपूर्ण कदम बताया।
प्रमुख रेल परियोजनाओं के लिए आवंटन
मध्य प्रदेश में रेलवे विस्तार पर बजट में विशेष जोर दिया गया है, जिसमें इंदौर-बुधनी, इंदौर-दाहोद और इंदौर-मनमाड़ जैसी प्रमुख नई रेल लाइनों के लिए राशि आवंटित की गई है।
अमृत स्टेशन योजना और अन्य सुविधाएं
अमृत स्टेशन योजना (Amrit Station Scheme) के तहत मध्य प्रदेश के 80 रेलवे स्टेशनों को 3 हजार करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा राज्य में रेलवे ट्रैक पर 1283 फ्लाईओवर और रोड अंडर ब्रिज का निर्माण पूरा किया गया है, जिससे सुरक्षा और यातायात सुगमता बढ़ी है।
नया समर्पित मालवाहक कॉरिडोर से लाभ
रेलवे ने पश्चिम बंगाल के डंकुनी से गुजरात के सूरत तक नया समर्पित मालवाहक कॉरिडोर प्रस्तावित किया है। यह लगभग 2000 किमी लंबा कॉरिडोर ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र से होकर गुजरेगा। यह मौजूदा पश्चिमी मालवाहक कॉरिडोर से जुड़ेगा, जिससे पश्चिमी तट के बंदरगाहों तक माल की निर्बाध आवाजाही संभव हो सकेगी। रतलाम मंडल (पश्चिम रेलवे) गुजरात और राजस्थान को जोड़ता है, इसलिए इन राज्यों के विकास कार्यों का फायदा मंडल को भी मिलेगा।

