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Simhastha 2028 की तैयारियां तेज: सुरक्षा, ट्रैफिक और रेलवे प्रबंधन को लेकर भोपाल में हाई लेवल बैठक

Simhastha 2028: सिंहस्थ 2028 (Simhastha 2028) के सुरक्षित और सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर भोपाल में पुलिस, रेलवे और प्रशासनिक अधिकारियों की उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में भीड़ प्रबंधन (Crowd Management), सुरक्षा व्यवस्था (Security Management), ट्रैफिक प्लान और रेलवे संचालन को लेकर विस्तृत रणनीति तैयार की गई। अधिकारियों ने आधुनिक तकनीक (Modern Technology), रियल-टाइम मॉनिटरिंग (Real-Time Monitoring) और संयुक्त समन्वय प्रणाली के जरिए श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया। साथ ही अतिरिक्त ट्रेनों, मजबूत सुरक्षा इंतजाम और आपातकालीन व्यवस्थाओं को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

Simhastha 2028: सिंहस्थ 2028 (Simhastha 2028) को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासनिक तैयारियां अब तेज हो गई हैं। राजधानी भोपाल स्थित कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय सभागार में पुलिस, रेलवे, जीआरपी, आरपीएफ और प्रशासनिक अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में भीड़ नियंत्रण (Crowd Management), सुरक्षा व्यवस्था (Security System), ट्रैफिक प्लान और रेलवे संचालन को लेकर विस्तृत रणनीति तैयार की गई।

बैठक के दौरान पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने कहा कि सिंहस्थ जैसे विशाल धार्मिक आयोजन के सफल संचालन के लिए सभी एजेंसियों के बीच मजबूत तालमेल बेहद जरूरी है। उन्होंने प्रयागराज महाकुंभ (Maha Kumbh Experience) का उल्लेख करते हुए कहा कि इस बार श्रद्धालुओं की संख्या पिछले आयोजनों की तुलना में अधिक रहने की संभावना है। इसी को ध्यान में रखते हुए चरणबद्ध कार्ययोजना (Phase-wise Planning) तैयार की जा रही है।

अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि आयोजन के दौरान अलग-अलग एंट्री और एग्जिट रूट तय किए जाएं, साथ ही प्रमुख स्नान पर्वों पर विशेष ट्रैफिक प्लान (Special Traffic Plan) लागू किया जाए। इसके अलावा संयुक्त कंट्रोल रूम (Joint Control Room) स्थापित करने पर भी सहमति बनी, ताकि सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाया जा सके।

बैठक में आधुनिक तकनीक (Modern Technology) के उपयोग पर भी खास जोर दिया गया। प्रशासन की ओर से इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC), रियल-टाइम मॉनिटरिंग (Real-Time Monitoring), व्यापक सीसीटीवी कवरेज (CCTV Surveillance) और डिजिटल कोऑर्डिनेशन सिस्टम लागू करने की योजना पर चर्चा हुई। अधिकारियों का मानना है कि तकनीक के इस्तेमाल से सुरक्षा व्यवस्था और भी प्रभावी बनाई जा सकेगी।

रेलवे अधिकारियों ने जानकारी दी कि सिंहस्थ 2028 के दौरान करीब 2 से 2.5 करोड़ श्रद्धालुओं के रेल मार्ग से आने की संभावना है। इसे देखते हुए अतिरिक्त ट्रेनों (Extra Trains) के संचालन, सैटेलाइट स्टेशन (Satellite Station), होल्डिंग एरिया और पार्किंग सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। साथ ही प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर फुटओवर ब्रिज की चौड़ाई बढ़ाने और पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम (Public Announcement System) को अपग्रेड करने की योजना भी बनाई गई है।

उज्जैन में मेला क्षेत्र को लगभग 3100 हेक्टेयर में विकसित किया जा रहा है। प्रशासन का अनुमान है कि शाही स्नान (Royal Bath) के दौरान एक ही दिन में करोड़ों श्रद्धालु पहुंच सकते हैं। ऐसे में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारियां की जा रही हैं।

बैठक में आपातकालीन परिस्थितियों (Emergency Response) से निपटने के लिए संयुक्त टीमों को हर समय अलर्ट मोड में रखने का फैसला लिया गया। इसके साथ ही एनडीआरएफ (NDRF), मेडिकल टीमों और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों ने विश्वास जताया कि मजबूत प्लानिंग, आधुनिक तकनीक और सभी विभागों के सहयोग से सिंहस्थ 2028 का आयोजन सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सफल बनाया जाएगा।

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