भारत में आज Silver price में एक बार फिर से तेज गिरावट देखने को मिली है। देश की प्रमुख वायदा मार्केट, MCX (Multi Commodity Exchange) पर मार्च डिलीवरी वाली चांदी का भाव कारोबार के दौरान लगभग 6% तक टूटकर ₹2,29,187 प्रति किलो के निचले लेवल पर पहुंच गया। यह गिरावट लगातार दूसरे दिन दर्ज की गई है, जिससे बाजार में बेचैनी और निवेशकों के मन में अनिश्चितता बढ़ती दिख रही है। इसमें घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार के कई कारक भी हैं जिनका असर चांदी के भाव पर भी देखा जा रहा है।
MCX पर चांदी की कीमतों में दो दिनों का दबाव
पिछले कुछ सत्र में चांदी के भाव में गिरावट का सिलसिला जारी दिख रहा है। शुक्रवार को वैश्विक संकेतों के प्रभाव से चांदी में भारी बिकवाली हुई है और दिन भर के कारोबार में यह ₹2,29,187 के स्तर तक नीचे लुढ़क गई। इससे पहले भी गुरुवार को चांदी के भाव में लगभग 9.3% की गिरावट देखी गई थी। विशेषज्ञों के अनुसार, इस गिरावट का कारण निवेशकों द्वारा लाभ निकालना (profit booking) और मजबूत अमेरिकी डॉलर के चलते अंतरराष्ट्रीय level पर कीमती धातुओं में निवेश के नियम में बदलाव है। जब डॉलर मजबूत होता है तो सोना और चांदी जैसे कमोडिटीज़ की मांग अक्सर कम होती जाती है, जिससे कीमतें दबाव में आती हैं।
ये भी पढ़े : Gold silver prices
बाजार के हालात और रिकॉर्ड के स्तर से तुलना
हालांकि आज की गिरावट महत्वपूर्ण लग रही है, लेकिन यह अचानक नहीं आई है। जनवरी के अंत में चांदी अपने रिकॉर्ड ऊँचे लेवल पर ₹4.2 लाख प्रति किलोग्राम तक पहुँच चुकी थी, लेकिन तब से अब तक करीब 45% तक उसकी कीमत लुढ़क चुकी है। विश्लेषक का मानना है कि पिछले रिकॉर्ड ऊंचाइयों के बाद लगातार बिकवाली ने भावों में तेज गिरावट को जन्म दे दिया है। यह अस्थिरता खासकर फ्यूचर्स ट्रेडिंग और वैश्विक संकेतों के संदर्भ में अधिक प्रकट होती दिख रही है।
निवेशक क्या सोच रहे हैं?
बाजार में अस्थिरता के बीच निवेशकों के बीच सतर्कता बढ़ी दिखी है। कुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि यह गिरावट खरीद का मौका भी हो सकती है जबकि अन्य निवेशकों को अल्पकालिक उतार-चढ़ाव से बचने की सलाह दी जा रही हैं। चांदी के भाव में तेजी से बदलाव होने के कारण निवेशक इसका सावधानीपूर्ण निर्णय ले रहे हैं। सोने और चांदी की कीमतें अक्सर वैश्विक आर्थिक संकेतों, मुद्रा विनिमय दर और निवेशकों की धारणा के आधार पर बदलती रहती हैं।
ये भी पढ़े : Bitcoin safe or not?
बाज़ार विश्लेषण, आगे कैसी राह?
मार्केट के अनुसार, चांदी की कीमतों में यह गिरावट कम समय के दबाव का परिणाम हो सकती है। हालांकि, यदि वैश्विक आर्थिक संकेत पॉजिटिव बने रहते हैं और डॉलर की मजबूती कम होती है, तो चांदी के भाव में फिर से उछाल देखने को मिल सकता है।फिलहाल, निवेशक और व्यापारी दोनों ही चांदी के भावों में उतार-चढ़ाव पर नजर बनाए हुए ही हैं। आज की स्थिति में Silver price में दो दिनों में लगभग 6% की गिरावट देखने को मिली है, जो पिछले रिकॉर्ड ऊँचाइयों से काफी नीचे है।

