सीधी जिले के कैमूर पहाड़ की मूड़ा घाटी में गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे भारी बारिश के चलते भीषण भूस्खलन हो गया। पहाड़ के ऊपरी हिस्से से भारी मात्रा में मिट्टी, बड़े-बड़े पत्थर और पेड़ खिसककर सीधे सड़क पर आ गिरे, जिससे सीधी को उत्तर प्रदेश से जोड़ने वाला मुख्य मार्ग पूरी तरह से बाधित हो गया है। गनीमत यह रही कि जिस समय यह लैंडस्लाइड हुआ, उस दौरान सड़क पर कोई भी वाहन या व्यक्ति मौजूद नहीं था, अन्यथा एक बड़ा हादसा हो सकता था। हालांकि, सड़क के ठीक नीचे 100 फीट से अधिक गहरी खाई होने के कारण यहां खतरा और भी ज्यादा बढ़ गया है।
घटना की सूचना मिलते ही अमिलिया थाना प्रभारी राकेश बेस पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे और किसी भी अनहोनी की आशंका को देखते हुए एहतियातन मार्ग को दोनों तरफ से सील कर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी। सड़क पर भारी मलबा, बड़े पत्थर और पेड़ गिरे होने के कारण फिलहाल किसी भी वाहन को आगे जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। प्रशासन और संबंधित विभाग की टीमें मार्ग को जल्द से जल्द साफ कर सुरक्षित बनाने के कार्य में जुटी हुई हैं।
मूड़ा घाटी का यह मुख्य मार्ग सीधी जिले को उत्तर प्रदेश के हनुमना, मिर्जापुर और आसपास के अन्य क्षेत्रों से जोड़ता है। रास्ता पूरी तरह बंद होने के कारण स्थानीय लोगों और वाहन चालकों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं, क्योंकि अब वैकल्पिक मार्ग से यात्रा करने पर लोगों को लगभग 200 किलोमीटर तक की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी। स्थानीय निवासी राम भूषण पटेल ने बताया कि इस मार्ग के बंद होने से समय और यात्रा खर्च दोनों बढ़ जाएंगे, इसलिए उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द मलबा हटवाकर सड़क को सुचारू रूप से चालू करने की मांग की है। वहीं, पुलिस लगातार मौके पर मौजूद रहकर स्थिति पर कड़ी निगरानी बनाए हुए है।

