MP News: इंदौर की लोकायुक्त पुलिस ने आजाद नगर थाने में तैनात सब-इंस्पेक्टर (एसआई) धर्मेंद्र राजपूत को 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी एसआई ने हत्या के एक मामले में रामचंद्र सिंह तोमर को क्लीन चिट देने के एवज में रिश्वत मांगी थी। शिकायत के आधार पर लोकायुक्त ने सोमवार को जाल बिछाकर एसआई को पकड़ा।
रिश्वत का सौदा और लोकायुक्त की कार्रवाई
लोकायुक्त डीएसपी सुनील कुमार तालान ने बताया कि मूसाखेड़ी में कुछ समय पहले चोरी के शक में एक युवक के साथ मारपीट हुई थी, जिसके बाद उसकी मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने रामचंद्र सिंह तोमर को भी आरोपी बनाया था। एसआई राजपूत ने रामचंद्र को क्लीन चिट देने और मामले में आगे कोई कार्रवाई न करने के लिए 2 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। बाद में सौदा 1.50 लाख और फिर 1 लाख रुपये में तय हुआ। सोमवार को रामचंद्र के बेटे संतोष को थाने के बाहर एक दुकान पर बुलाया गया, जहां एसआई ने 1 लाख रुपये लिए। तभी लोकायुक्त पुलिस ने उसे धर दबोचा।
हत्या के केस में झूठा फंसाने की धमकी
लोकायुक्त एसपी राजेश सहाय के अनुसार, रामचंद्र सिंह तोमर एक्स कैप्टन सिक्योरिटी कंपनी में डायरेक्टर हैं। आजाद नगर पुलिस ने उनके खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया था। एसआई राजपूत ने रामचंद्र को झूठा फंसाने की धमकी देकर उनके बेटे संतोष से रिश्वत की मांग की थी। रामचंद्र को हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिलने के बाद भी एसआई ने संतोष पर दबाव बनाया और 1.50 लाख रुपये मांगे। शिकायत मिलने पर लोकायुक्त ने त्वरित कार्रवाई कर एसआई को गिरफ्तार किया।

