Shraddha Dubey Arrested : उत्तर प्रदेश के लखनऊ के कारोबारी शिवा शर्मा की मौत (Shiva Sharma Death Case) के मामले में नाम आने के बाद श्रद्धा दुबे 11 दिन तक पुलिस की पकड़ से बाहर रही। उसे खोजने के लिए लखनऊ पुलिस, यूपी एसटीएफ और दूसरी टीमें लगी थीं।
जांच के दौरान श्रद्धा के सीतापुर, लखीमपुर और नेपाल सीमा के पास होने की खबरें मिलीं। लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही वह वहां से निकल जाती थी। आखिर में पुलिस ने तकनीकी निगरानी की मदद से उसे नागपुर से गिरफ्तार कर लिया।
बहन और ड्राइवर भी गिरफ्तार
इस मामले में श्रद्धा की बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर तनवीर अली उर्फ दानिश का नाम भी सामने आया। पुलिस के अनुसार, फरारी के दौरान तीनों साथ थे और एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए अलग-अलग साधनों का इस्तेमाल कर रहे थे। नागपुर में तीनों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस मामले की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है।
करीबियों से मिला अहम सुराग
जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, एसटीएफ को श्रद्धा के कुछ करीबियों के बारे में जानकारी मिली थी। उनमें से एक व्यक्ति से मिले सुराग के बाद पुलिस को उसकी तलाश में मदद मिली। बताया जा रहा है कि आगरा में रहते हुए एजेंसियों को उसकी गतिविधियों का पता चलने लगा था। इसके बाद उस पर नजर रखी गई और पुलिस नागपुर तक पहुंची।
पहचान छिपाने की कोशिश
बताया जाता है कि श्रद्धा ने फरारी के दौरान अपनी पहचान छिपाने के कई तरीके अपनाए। कुछ जगहों पर वह बुर्का पहनकर घूमी, ताकि लोग उसे पहचान न सकें। जांच एजेंसियों का कहना है कि वह मोबाइल और दूसरी तकनीक से अपनी लोकेशन छिपाने की भी कोशिश कर रही थी। फिर भी पुलिस उस पर नजर बनाए रखने में सफल रही।
तीन आईफोन का इस्तेमाल
जांच एजेंसियों के अनुसार, श्रद्धा कथित तौर पर तीन आईफोन इस्तेमाल कर रही थी। वह सामान्य फोन कॉल की जगह इंटरनेट के जरिए बात करती थी। अधिकारियों का मानना है कि ऐसा करके वह अपनी लोकेशन छिपाना और पुलिस से बचना चाहती थी। लगातार निगरानी के बाद पुलिस उसके संपर्कों तक पहुंच गई।
9 अक्टूबर को हुई थी शिवा शर्मा की मौत
यह मामला 9 अक्टूबर को शुरू हुआ, जब लखनऊ के हजरतगंज इलाके में एक अपार्टमेंट की ऊंची मंजिल से गिरने के बाद कारोबारी शिवा शर्मा की मौत हो गई। शुरुआत में घटना को लेकर कई तरह की बातें सामने आईं। बाद में शिवा की मां ने हत्या की आशंका जताते हुए शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
लखनऊ से सीतापुर पहुंची श्रद्धा
जांच के मुताबिक, घटना के बाद श्रद्धा लखनऊ से निकल गई थी। शुरुआती जानकारी में पता चला कि वह अपनी बहन और एक साथी के साथ सीतापुर गई। पुलिस वहां पहुंची, लेकिन तब तक वह आगे बढ़ चुकी थी। इसके बाद उसकी तलाश लखीमपुर खीरी तक पहुंची, लेकिन वहां भी वह नहीं मिली।
नेपाल सीमा तक पहुंची पुलिस
जांच के दौरान आरोपियों की स्कॉर्पियो बहराइच जिले के रुपईडीहा इलाके के पास मिली। इससे पुलिस को शक हुआ कि वे नेपाल जा चुके हैं। इसके बाद पुलिस और दूसरी एजेंसियों ने नेपाल जाने वाले रास्तों और संभावित ठिकानों की जांच की।
नेपाल में भी बदलती रही जगह
सूत्रों के अनुसार, नेपाल पहुंचने के बाद भी श्रद्धा एक जगह नहीं रुकी। पुलिस को उसके संभावित ठिकानों की जानकारी मिलती, लेकिन टीम के पहुंचने से पहले वह वहां से निकल जाती थी। कई बार उसके पुलिस के पहुंचने से कुछ घंटे पहले ही वहां से जाने की बात सामने आई. इससे उसकी तलाश और कठिन हो गई।
रायबरेली में भी रुकी
नेपाल से लौटने के बाद श्रद्धा रायबरेली पहुंची थी। जांच में कुछ सीसीटीवी फुटेज मिले, जिनसे उसके शहर में होने के संकेत मिले। बताया जाता है कि उसने एक होटल में रुकने की कोशिश की, लेकिन पहचान के कागज न होने के कारण कमरा नहीं मिला। इसके बाद उसने किसी परिचित के यहां रुकने का इंतजाम किया।
लखनऊ में मीडिया से भी की बात
फरारी के दौरान श्रद्धा कुछ समय के लिए लखनऊ भी आई थी। इस दौरान उसने कानूनी प्रक्रिया से जुड़े कुछ कदम उठाए और मीडिया से बात की। यह जानकारी बाद में जांच के दौरान सामने आई। उसके लखनऊ में होने के बावजूद पुलिस को पता न चलने पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठे।
आगरा से नागपुर पहुंची
लखनऊ से जाने के बाद श्रद्धा आगरा पहुंची। जांच एजेंसियों के मुताबिक, वहां उसने अपनी पहचान छिपाकर रुकने की कोशिश की। आगरा में उसकी मौजूदगी के कुछ संकेत मिलने के बाद पुलिस को पता चला कि वह नागपुर की ओर जा रही है।
नागपुर में पकड़े गए तीनों आरोपी
करीब 11 दिन की तलाश के बाद यूपी एसटीएफ, लखनऊ पुलिस और नागपुर पुलिस ने मिलकर श्रद्धा दुबे को गिरफ्तार किया। उसके साथ रश्मि दुबे और दानिश भी पकड़े गए। अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तारी के समय वे आगे जाने की तैयारी कर रहे थे।
पूछताछ में मिल सकती है अहम जानकारी
अब पुलिस पूछताछ के जरिए यह जानने की कोशिश कर रही है कि घटना वाले दिन क्या हुआ था, फरारी में किन लोगों ने मदद की और तीनों नेपाल कैसे पहुंचे तथा वहां से कैसे लौटे। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस दौरान उनके साथ कौन-कौन लोग जुड़े थे।
जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर
शिवा शर्मा के परिवार ने हत्या का आरोप लगाया है, जबकि श्रद्धा खुद को निर्दोष बताती रही है। अब पुलिस इलेक्ट्रॉनिक सबूत, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डेटा और पूछताछ के आधार पर मामले की जांच कर रही है। गिरफ्तारी के बाद जांच अहम मोड़ पर पहुंच गई है। आने वाले दिनों में कई सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद है।

