Sheikh Hasina Bangladesh extradition: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना (Sheikh Hasina) को लेकर एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। बांग्लादेश में नई सरकार बनने के बाद भारत पर उन्हें ढाका को सौंपने का दबाव बढ़ रहा है। इसी बीच बांग्लादेश की सबसे बड़ी खुफिया एजेंसी के प्रमुख का अचानक भारत आना कई सवाल खड़े कर रहा है.
ग्लादेश खुफिया प्रमुख भारत दौरा
Bangladesh DGFI chief India visit: सूत्रों के मुताबिक बांग्लादेश की रक्षा खुफिया एजेंसी DGFI (Directorate General of Forces Intelligence) के प्रमुख मेजर जनरल कैसर राशिद चौधरी (Major General Kaiser Rashid Chowdhury) ने नई दिल्ली में भारतीय एजेंसियों के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात की है। इस मुलाकात को दोनों देशों के रिश्तों और शेख हसीना के भविष्य से जोड़कर देखा जा रहा है
नई सरकार बनने के बाद भारत पहुंचे बांग्लादेशी इंटेलिजेंस चीफ
रिपोर्ट के अनुसार बांग्लादेश के डायरेक्टरेट जनरल ऑफ फोर्सेज इंटेलिजेंस DGFI के डायरेक्टर जनरल मेजर जनरल कैसर राशिद चौधरी (Major General Kaiser Rashid Chowdhury) 1 से 3 मार्च के बीच नई दिल्ली में मौजूद थे।
इस दौरान उन्होंने भारत की विदेशी खुफिया एजेंसी RAW (Research and Analysis Wing) के प्रमुख पराग जैन (Parag Jain) और मिलिट्री इंटेलिजेंस के डायरेक्टर जनरल लेफ्टिनेंट जनरल आरएस रमन (Lieutenant General RS Raman) से मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक 2 मार्च को दोनों देशों के खुफिया अधिकारियों के बीच एक प्राइवेट डिनर भी हुआ, जिसमें सुरक्षा सहयोग और खुफिया जानकारियों के आदान-प्रदान पर चर्चा हुई.
नई सरकार और बदले हुए सियासी समीकरण
बांग्लादेश में हाल ही में नई सरकार का गठन हुआ है। 22 फरवरी को तारिक रहमान (Tarique Rahman) ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। इसके कुछ ही दिनों बाद कैसर राशिद चौधरी (Kaiser Rashid Chowdhury) को प्रमोशन देकर मेजर जनरल बनाया गया और उन्हें DGFI का प्रमुख नियुक्त कर दिया गया।
सरकार बनने के तुरंत बाद उनका भारत दौरा इस बात का संकेत माना जा रहा है कि ढाका और नई दिल्ली के बीच सुरक्षा और राजनीतिक मुद्दों पर नई बातचीत शुरू हो चुकी है
शेख हसीना को लेकर भारत पर दबाव
बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद नई सरकार के कुछ नेताओं और संगठनों ने भारत से शेख हसीना को वापस भेजने की मांग उठाई है
दरअसल राजनीतिक अस्थिरता और विरोध प्रदर्शनों के बाद शेख हसीना भारत में रह रही हैं। बांग्लादेश की नई सरकार और विपक्ष के कई समूह उन पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
हालांकि भारत की स्थिति काफी संवेदनशील है। विशेषज्ञों का मानना है कि नई दिल्ली सिर्फ शेख हसीना के मुद्दे पर पूरे बांग्लादेश के साथ अपने रिश्ते खराब नहीं करना चाहेगी
क्या शेख हसीना को लेकर कोई बड़ा फैसला आने वाला है
बांग्लादेशी खुफिया प्रमुख मेजर जनरल कैसर राशिद चौधरी की भारत यात्रा को इसी बड़े राजनीतिक संदर्भ में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच कई संवेदनशील मुद्दों पर बातचीत हुई है, जिनमें सुरक्षा सहयोग, सीमा पार गतिविधियां और शेख हसीनासे जुड़ा मामला भी शामिल हो सकता है
फिलहाल इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन यह साफ है कि बांग्लादेश में नई सरकार बनने के बाद भारत-बांग्लादेश रिश्तों में एक नया दौर शुरू हो रहा है।

