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Sheetala Ashtami 2026 : शीतला अष्टमी पर बासी भोग लगाने का महत्व व शुभ मुहूर्त सहित कैसे करें पूजा ? जानें विधि

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Sheetala Ashtami 2026 : शीतला अष्टमी पर बासी भोग लगाने का महत्व व शुभ मुहूर्त सहित कैसे करें पूजा ? जानें विधि-भारतीय संस्कृति में वैसे तो हर पर्व का अपना एक अलग महत्व होता है, लेकिन शीतला अष्टमी का पर्व अपनी अनोखी परंपराओं के कारण विशेष स्थान रखता है। इसे बसौड़ा या बसोड़ा के नाम से भी जाना जाता है। यह त्यौहार मुख्य रूप से आरोग्य की देवी माता शीतला को समर्पित है। यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि बदलते मौसम में स्वस्थ रहने का एक वैज्ञानिक संदेश भी छुपाए हुए है। अगर आप जानना चाहते हैं कि वर्ष 2026 में यह व्रत कब रखा जाएगा, पूजा का शुभ समय क्या है और इस दिन किस तरह का भोग लगाया जाता है, तो यह लेख आपके लिए पूरी जानकारी लेकर प्रस्तुत है।वर्ष 2026 में शीतला अष्टमी (बसौड़ा) 11 मार्च, बुधवार को है। जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, व्रत की सही विधि, भोग की परंपरा और इसका धार्मिक व वैज्ञानिक महत्व।

2026 में शीतला अष्टमी की तारीख और शुभ मुहूर्त

(Sheetala Ashtami 2026 Date and Shubh Muhurat)

हिंदू पंचांग के अनुसार, शीतला अष्टमी हर साल चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है। ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार, यह तिथि फरवरी या मार्च के महीने में आती है।

इस दिन मुख्य रूप से माता शीतला की पूजा का विधान है, जिन्हें चेचक, खसरा और अन्य संक्रामक बीमारियों से रक्षा करने वाली देवी माना जाता है।

क्यों मनाया जाता है बसौड़ा का त्यौहार ?

(Why is Basoda Festival Celebrated)

शीतला माता को आरोग्य की देवी माना जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, माता शीतला की उपासना से व्यक्ति को सभी प्रकार के त्वचा रोगों और गर्मी से होने वाली बीमारियों से मुक्ति मिलती है। यह वह समय होता है जब मौसम में परिवर्तन हो रहा होता है और सर्दी समाप्त होकर गर्मी की शुरुआत होती है। ऐसे में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। माता शीतला की पूजा और बासी भोजन ग्रहण करने की परंपरा स्वास्थ्य के प्रति सचेत करने का एक माध्यम है।

शीतला अष्टमी 2026 पूजा विधि और भोग परंपरा

(Sheetala Ashtami 2026 Puja Vidhi and Prasad Tradition)

इस व्रत की सबसे खास बात यह है कि अष्टमी के दिन चूल्हा नहीं जलाया जाता है। भोजन एक दिन पहले (सप्तमी के दिन) बनाया जाता है।

सप्तमी के दिन यानि 10 मार्च 2026-को क्या-क्या करें ?

अष्टमी के दिन यानि 11 मार्च 2026 का विशेष विधान

क्या कहता है वैज्ञानिक दृष्टिकोण-क्यों जरूरी है बासी भोजन ?

(Scientific Reason-Why Stale Food)

हालांकि आम दिनों में बासी खाना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना जाता है, लेकिन शीतला अष्टमी का यह बासी भोग पूरी तरह से वैज्ञानिक सोच पर आधारित है।

निष्कर्ष (Conclusion)-शीतला अष्टमी (बसौड़ा) का व्रत केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह हमारे पूर्वजों द्वारा दी गई स्वास्थ्य और प्रकृति के प्रति जागरूकता की सीख है। 11 मार्च 2026, बुधवार को पड़ने वाला यह पर्व हमें सिखाता है कि कैसे सादगी और संयम से हम बदलते मौसम की बीमारियों से खुद को बचा सकते हैं। इस दिन माता शीतला की विधिवत पूजा करें और उनकी कृपा से अपने परिवार को स्वस्थ और सुखी रखें।

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