Shashi Tharoor on Congress : कांग्रेस में शशि थरूर को लेकर सियासी तनातनी खत्म होने का नाम नहीं ले रही। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शुरू हुई नाराजगी अभी तक जारी है। राजनीतिज्ञ कयास लगा रहें हैं कि शशि थरूर अब कांग्रेस से अलग होना चाहते हैं। क्योंकि शशि थरूर कई मीटिंग में बुलाने पर भी नहीं पहुंचे। लेकिन शशि थरूर ने अब खुद ही इन सवालों पर चुप्पी तोड़ दी है।
शशि थरूर ने कहा- पार्टी का कभी उलंघन नहीं किया
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने शनिवार को कहा कि उन्होंने कभी भी पार्टी के तय किए गए रुख का उल्लंघन नहीं किया है। उनकी केवल एक ही सार्वजनिक असहमति थी, वह थी ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर। थरूर ने केरल साहित्य महोत्सव में सवालों का जवाब देते हुए कहा कि उन्होंने उस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया था और उन्हें इस पर कोई खेद नहीं है।
शशि थरूर ने बताई नाराजगी की वजह
यह बयान ऐसे समय में आया है जब अटकले लग रही हैं कि शशि थरूर और पार्टी के नेतृत्व के बीच मतभेद हैं। कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि थरूर को यह बात बहुत बुरी लगी है कि राहुल गांधी ने कोच्चि में एक कार्यक्रम के दौरान उनके नाम का जिक्र नहीं किया। साथ ही, यह भी कहा जा रहा है कि पार्टी के कुछ नेता बार-बार उन्हें अलग करने की कोशिश कर रहे हैं।
राहुल गाँधी को पसंद नहीं करते शशि थरूर?
हालांकि, पिछले साल 2025 में कांग्रेस ने सांसदों की कई मीटिंग की, लेकिन किसी में भी शशि थरूर शामिल नहीं हुए। लगातार पार्टी की बैठकों से गायब रहने के चलते उनके और राहुल गाँधी के बीच टकराव की बाते उठती रही हैं। यहां तक कि उन्होंने पार्टी की कमान राहुल गाँधी की जगह प्रियंका गाँधी को देने तक की हिदायत दे डाली थी।
फिलहाल, शशि थरूर ने कहा कि उन्होंने एक लेखक और पर्यवेक्षक के रूप में पहलगाम की घटना के बाद एक अखबार में लिखा था कि इस तरह की घटना की सजा मिलनी चाहिए और कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।उन्होंने यह भी कहा कि भारत आज विकास पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। इसलिए उसे पाकिस्तान के साथ टकराव नहीं बढ़ाना चाहिए। भारत को आतंकवादियों के शिविरों को निशाना बनाने तक ही कार्रवाई करनी चाहिए।
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