Shardiya Navratri 2025: जानें जौ बोने के शुभ-अशुभ संकेत और चमत्कारी उपाय

Shardiya Navratri 2025

Shardiya Navratri 2025: संपूर्ण भारत में शारदीय नवरात्र के 9 दिन मां दुर्गा के नौ रूपों की उपासना का महत्व रखते हैं। इन 9 दिनों में भक्त माता दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए व्रत रखते हैं, पूजा अर्चना करते हैं। इन 9 दिनों में एक ऐसी पावन परंपरा है जो हर घर में मनाई जाती है वह है घट स्थापना के दौरान जौ बोना। जी हां, मिट्टी के पात्र में जौ बोना, उसे जल देना और उसे बढ़ता हुआ देखना यह माता के भक्तों को माता से मिला हुआ विशेष संकेत होता है। इसके बारे में आज हम आपको सम्पूर्ण जानकारी देने वाले हैं।

Shardiya Navratri 2025
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क्या है नवरात्रि में जौ बोने का महत्व

धर्म ग्रंथो में जौ को धरती से उगने वाली पहली फसल माना जाता है। इसीलिए माता अन्नपूर्णा देवी को सम्मानित करने के लिए सभी शुभ कार्य के दौरान कलश पूजन हेतु जौ बोई जाती है। नवरात्रि के पहले दिन घट स्थापना के समय या उसके तुरंत बाद मिट्टी के पात्र में साफ मिट्टी भर इसमें जौ बोए जाते हैं और उसमें नियमित पानी दिया जाता है। जैसे-जैसे जौ की वृद्धि होती है उसी के आधार पर माता के संकेतों को पढ़ा जाता है।

नवरात्रि के दौरान बोई हुई जौ से मिलने वाले संकेत

  • यदि बोई हुई जौ में जल्दी अंकुर आ जाते हैं तो यह शुभ संकेत साबित होता है।
  • जौ यदि पीले होने लगती है तो इसे अशुभ संकेत माना जाता है।
  • यदि जौ की सारी पत्तियां नीचे से ऊपर तक हरी हो तो इसे सुख शांति और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।
  • वहीं यदि जौ सुख जाए अंकुरित ना हो या वृद्धि बीच में ही रुक जाए तो इसे अशुभ संकेत के रूप में गिना जाता है।

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नवरात्रि में बोई हुई जौ से जुड़े खास उपाय

नवरात्रि के पहले दिन बोई हुई जौ के कुछ विशेष उपाय भी शास्त्रों में बताए गए हैं जो इस प्रकार है-

  • अष्टमी या नवमी के दिन उगी हुई जौ को माता के चरणों में अर्पित करें और बाद में इस घर की तिजोरी या अनाज के डिब्बे में रखें इससे धन-धान्य में वृद्धि होती है।
  • नवमी के दिन जौ की हरी पत्तियां जल में प्रवाहित करें इससे घर के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं।
  • यदि घर में अक्सर कलह क्लेश होता है या नकारात्मक वातावरण होता है तो नवरात्रि में बोए गए जौ को दशमी के तिथि पर मुख्य द्वार पर टांग दें इससे नकारात्मक शक्तियां दूर हो जाती है।
  • वही नवमी के दिन इन बोई हुई जौ की पत्तियों को लेकर माता के चरणों में अर्पित करें और इसके बाद विवाह या संतान सुख की प्राप्ति हेतु प्रार्थना करने वाले जातक को रखने के लिए दें इससे उनकी मनोकामना जल्द ही पूरी होती है।

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