Shankaracharya Avimukteshwaranand case : छात्रों से नहीं है मेरा कोई नाता…यौन शोषण के आरोपों पर शंकराचार्य के दो टूक

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Shankaracharya Avimukteshwaranand case : छात्रों से नहीं है मेरा कोई नाता…यौन शोषण के आरोपों पर शंकराचार्य के दो टूक-वाराणसी स्थित ज्योतिष पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर लगे बाल यौन शोषण के गंभीर आरोपों को लेकर देशभर में चर्चाएं तेज़ हैं। इस बीच स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने एक बार फिर सामने आकर पूरे मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि जिन छात्रों के नाम पर यह विवाद खड़ा किया गया है, उनका उनके गुरुकुल या आश्रम से कोई संबंध नहीं है। स्वामी ने दावा किया कि संबंधित छात्रों का न तो कभी उनके गुरुकुल में पंजीकरण हुआ और न ही उन्होंने कभी वहां अध्ययन किया। कोर्ट में प्रस्तुत दस्तावेज़ों के आधार पर उन्होंने पूरे मामले को साजिश करार देते हुए निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई। बाल यौन शोषण के आरोपों पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की सफाई, गुरुकुल से छात्रों के संबंध से इनकार, कोर्ट में जमा मार्कशीट पर सवाल और पुलिस जांच में सहयोग का आश्वासन-पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

गुरुकुल से कोई संबंध नहीं

No Connection with Gurukul

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिन छात्रों के नाम सामने लाए जा रहे हैं, वे कभी उनके गुरुकुल में पंजीकृत ही नहीं हुए। न उन्होंने प्रवेश लिया और न ही कभी वहां अध्ययन किया। उन्होंने कहा कि जब छात्रों का उनके संस्थान से कोई वास्ता ही नहीं है, तो उन पर इस तरह के आरोप कैसे लगाए जा सकते हैं।

कोर्ट में जमा मार्कशीट पर सवाल

Questions on Mark Sheets Submitted in Court

स्वामी ने बताया कि आरोप लगाने वाले पक्ष ने कोर्ट में कुछ मार्कशीट जमा की हैं, जिनसे यह साफ होता है कि ये छात्र हरदोई जिले के किसी विद्यालय में पढ़ते हैं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि बच्चे किसी अन्य स्कूल में पढ़ रहे हैं, तो उनके गुरुकुल को इस मामले में क्यों घसीटा जा रहा है। उन्होंने इसे सुनियोजित षड्यंत्र बताते हुए कहा कि तथ्यों की निष्पक्ष जांच से सच्चाई स्वतः सामने आ जाएगी।

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती द्वारा दी गई सफाई

साजिश का आरोप, राजनीतिक व धार्मिक दुर्भावना का दावा

Allegation of Conspiracy and Political-Religious Vendetta

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि यह पूरा प्रकरण राजनीतिक और धार्मिक द्वेष से प्रेरित है। उनका कहना है कि कुछ लोग जानबूझकर उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे छद्मभेषधारी और पाखंडी तत्वों का जल्द ही पर्दाफाश होगा।

पुलिस जांच में पूर्ण सहयोग का आश्वासन

Assurance of Full Cooperation in Police Investigation

स्वामी ने दोहराया कि वे पुलिस जांच में पूरा सहयोग करेंगे। यदि जांच एजेंसियां उनके आश्रम या गुरुकुल में आती हैं, तो वे उनका स्वागत करेंगे। उन्होंने कहा कि वे कहीं भाग नहीं रहे हैं और गिरफ्तारी की कोई आवश्यकता नहीं है। उनका उद्देश्य है कि मामले की निष्पक्ष और शीघ्र जांच हो ताकि सच्चाई सबके सामने आ सके।

निष्कर्ष-Conclusion-शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती द्वारा दी गई सफाई के बाद यह मामला और अधिक संवेदनशील बन गया है। एक ओर गंभीर आरोप हैं तो दूसरी ओर साजिश का दावा। अब पूरे प्रकरण की सच्चाई पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगी। ऐसे में आवश्यक है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच पूरी होने तक संयम और तथ्यपरक दृष्टिकोण अपनाया जाए।

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