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MP: वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, तेंदुए की खाल के साथ पटवारी सहित दो गिरफ्तार

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Shahdol Hindi News: वन विभाग ने वन्यप्राणी शिकार के एक पुराने मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से तेंदुए की खाल बरामद की गई है। इनमें से एक आरोपी पटवारी भी है।यह कार्रवाई वन परिक्षेत्र जैतपुर अंतर्गत दर्ज पुराने वन्यप्राणी शिकार प्रकरण से संबंधित है।

Shahdol Hindi News: वन विभाग ने वन्यजीव संरक्षण के प्रति अपनी सख्त नीति का परिचय देते हुए सिवनी जिले से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से तेंदुए की खाल बरामद की गई। गिरफ्तार आरोपियों में एक पटवारी भी शामिल है, जिसके पास से खाल उसके बैग में मिली। यह कार्रवाई जैतपुर वन परिक्षेत्र के अंतर्गत दर्ज पुराने वन्यप्राणी शिकार के मामले से जुड़ी है, जिसमें अब तक कुल 11 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

पूछताछ में पटवारी का नाम आया

वन विभाग के अनुसार, पहले से गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान एक पटवारी का नाम सामने आया था। इसके आधार पर वन विभाग की टीम उसे गिरफ्तार करने पहुंची, तो आरोपी के पास तेंदुए की खाल बरामद हो गई। इस पूरे मामले का खुलासा वन विभाग ने मंगलवार देर शाम जारी प्रेस नोट के माध्यम से किया।

डीएफओ ने दी जानकारी

डीएफओ दक्षिण श्रद्धा पंद्रे ने बताया कि 27 अक्टूबर को जैतपुर वन परिक्षेत्र में पेंगुइन (पेंग्युलिन) शिकार के एक मामले में पहले ही 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस प्रकरण में कुछ आरोपी फरार थे, जिनकी तलाश के लिए वन विभाग की टीम को जिला सिवनी भेजा गया था।

सिवनी बरामद हुई तेंदुए की खाल

टीम ने ग्राम देवघाट (मझगवां), जिला सिवनी में दबिश देकर दो संदिग्धों को पकड़ा। तलाशी के दौरान रीझन लाल मरकाम (उम्र 54 वर्ष), निवासी ग्राम खांपा, थाना कोयलारी, जिला सिवनी के पास से एक बैग में तेंदुए की खाल बरामद की गई। आरोपी वर्तमान में हल्का बगलई, जिला सिवनी में पटवारी के पद पर तैनात है। इसी कार्रवाई में दूसरे आरोपी रमाकांत दुबे (उम्र 35 वर्ष), निवासी संजीवनी नगर, गढ़ जबलपुर को भी गिरफ्तार किया गया।

आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज

जब्त की गई तेंदुए की खाल को सुरक्षित रूप से वन विभाग परिसर में रखवाया गया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है। फिलहाल आरोपी यह स्पष्ट नहीं कर पाए हैं कि तेंदुए का शिकार कहां किया गया और खाल उन्हें कहां से प्राप्त हुई। वन विभाग इस संबंध में गहन पूछताछ कर रहा है तथा मामले की छानबीन तेज कर दी गई है।

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