एमपी वेदर। मध्यप्रदेश में इस बार नवंबर की शुरुआत से ही कड़ाके की ठंड पड़ रही है। सीजन में पहली बार 6.5 डिग्री तक पारा पहुंच गया, जो राजगढ़ में रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों के लिए कई जिलों में शीतलहर का अलर्ट जारी किया है।
ऐसे बढ़ी ठंड
पहाड़ों की बर्फबारी के चलते एमपी में सर्दी का सितम है और ठंड रिकॉर्ड तोड़ रही है। मौसम विभाग के अनुसार तकरीबन 25 साल बाद एमपी में इस तरह की रिकार्ड तोड़ ठंड का असर सामने आ रहा है, जब नवंबर माह में तापमान तेजी से नीचे गिरा और साढ़े 6 डिग्री तक पहुच गया है। शनिवार-रविवार की रात यहां पारा 6.4 डिग्री दर्ज किया गया। ओवरऑल रिकॉर्ड 30 नवंबर 1941 में 6.1 डिग्री का है। इंदौर में भी पारा 6.4 डिग्री ही रहा। यहां भी सीजन की सबसे सर्द रात रही। 25 साल में पहली बार पारा इतना लुढ़का है। जबलपुर में भी इस सीजन की सबसे सर्द रात रही। पहली बार पारा 8.5 डिग्री पर आया। उज्जैन में 10.5 डिग्री और ग्वालियर में 10.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
जाने क्यों बढ़ गई ठंड
दरअसल उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में हो रही बर्फबारी का सीधा असर मध्यप्रदेश पर दिख रहा है। उत्तरी हवाओं के लगातार सक्रिय रहने से रातें बेहद सर्द हो रही हैं। हालांकि दिन में धूप निकलने से थोड़ी राहत मिल जाती है। मौसम वैज्ञानिक के अनुसार, पिछले 24 घंटों में कई जिलों में शीतलहर और अति शीतलहर की स्थिति बनी। अगले तीन दिन भी स्थिति ऐसी ही रहने की संभावना है। इसके बाद हल्की राहत मिल सकती है।

