रीवा जिले में इन दिनों प्रशासनिक स्तर पर समस्याओं का अंबार लगा हुआ है। मंगलवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई और विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा सौंपे गए ज्ञापनों के माध्यम से जिले की कई गंभीर समस्याएं सामने आईं। सेमरिया क्षेत्र में धड़ल्ले से चल रहे बॉक्साइट के अवैध उत्खनन, नहर के पानी से बर्बाद हुई किसानों की फसल और निजी स्कूलों की मनमानी फीस व शोषण के खिलाफ जनता और जनप्रतिनिधियों ने कलेक्टर के सामने कड़ी नाराजगी जताई है और त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
सेमरिया क्षेत्र में बेशकीमती बॉक्साइट का अवैध उत्खनन, कलेक्टर से उच्चस्तरीय जांच की मांग
रीवा जिले के सेमरिया क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले भवरा गांव में बेशकीमती बॉक्साइट का अवैध उत्खनन धड़ल्ले से जारी है। इस गंभीर मामले को लेकर आम आदमी पार्टी के नेता दीपक सिंह ने जिला कलेक्टर को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में बताया गया है कि भवरा गांव में स्थित बॉक्साइट खदानों से माफियाओं द्वारा अवैध रूप से खनिज का भारी दोहन किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र को बड़ा आर्थिक और पर्यावरणीय नुकसान उठाना पड़ रहा है। आप नेता ने प्रशासन से मांग की है कि इस अवैध उत्खनन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष व विधिवत जांच करवाकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
नहर के पानी से डूबी धान की फसल, किसान ने कलेक्ट्रेट में लगाई मुआवजे की गुहार
एक तरफ जहां अवैध खनन से क्षेत्र त्रस्त है, वहीं दूसरी ओर कलेक्ट्रेट में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई के दौरान किसानों की दयनीय तस्वीरें भी सामने आईं। हुजूर तहसील के तिघर गांव से आए किसान श्यामसुन्दर सिंह ने अपनी बर्बाद हो चुकी फसल का मुआवजा दिलाने के लिए प्रशासन के दरवाजे खटखटाए। पीड़ित किसान ने शिकायत में बताया कि उनके गांव से गुजरने वाली पूर्वा नहर से जुड़ी एक छोटी नहर का पानी अचानक उनके खेतों में भर गया, जिसके चलते उनकी पूरी धान की फसल सड़कर बर्बाद हो गई। इस भारी फसल नुकसान के कारण किसान के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। किसान ने शासन-प्रशासन से गुहार लगाई है कि उनके खेतों में हुए नुकसान का तुरंत आकलन किया जाए और उन्हें उचित क्षतिपूर्ति प्रदान की जाए।
प्राइवेट स्कूलों की मनमानी और शिक्षकों के शोषण पर फूटा गुस्सा, 5 सूत्रीय मांगें रखीं
जिले में निजी विद्यालयों की मनमानी और शिक्षकों के हो रहे आर्थिक शोषण का मुद्दा भी गरमाता नजर आ रहा है। ‘आम आदमी पार्टी’ की शिक्षा विंग ने जिला कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी को एक ज्ञापन सौंपकर शिक्षकों के हक में आवाज उठाई है। आप शिक्षा विंग के प्रतिनिधि शिवम भारद्वाज ने जानकारी दी कि पार्टी ने शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए पांच सूत्रीय प्रमुख मांगें रखी हैं। इन मांगों में प्राइवेट स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के लिए न्यूनतम वेतन अनिवार्य रूप से तय किए जाने, स्कूलों में ट्यूशन फीस के अलावा अन्य सभी प्रकार की अतिरिक्त एवं मनमानी फीस पर रोक लगाने और महिला शिक्षकों को मातृत्व अवकाश (मैटरनिटी लीव) का लाभ दिए जाने की पुरजोर मांग शामिल है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इन बिंदुओं पर उचित कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

