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Iran War से बाजार दबाव मे, sensex 1800 अंक टूटा जिससे सोने चांदी में गिरावट

Sensex-Nifty fall, Gold-Silver slips; Iran War puts market under pressureSensex-Nifty fall, Gold-Silver slips; Iran War puts market under pressure

Sensex-Nifty fall, Gold-Silver slips; Iran War puts market under pressure

Sensex – Nifty 50 down: सोमवार को भारत के शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखी गई जहां सेंसेक्स और निफ्टी 50 में 2% तक की कमजोरी दिख रही थी वही सोना और चांदी की कीमत भी गिरती हुई नजर आई। यह दबाव मध्य पूर्व देशों में बढ़ते ईरान के वार के तनाव और कच्चे तेल की कीमतों के उछाल के कारण देखा गया है। यह दबाव मध्य पूर्व विदेश में बढ़ते ईरान के वार तनाव और कच्चे तेल की कीमत के उछाल के कारण हुआ है जिसका असर रुपए और निवेश करने वाले लोगों की धारणा पर देखने को मिल रहा है।

Market Fall होने से Sensex Nifty में तेज गिरावट हुई

स्टॉक एक्सचेंज डाटा के अनुसार सेंसेक्स करीब 1800 से 1900 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ जबकि निफ्टी 50 लगभग 22700 अंक के नीचे नीचे आया। इंट्राडे ने बाजार में, निचले स्तर छुए जो निवेश करने वाले लोगों में घबराहट का माहौल देखा जा रहा है। मार्केट केपीटलाइजेशन के अनुसार एक ही दिन में करीब 10 से 13 लाख करोड़ रुपए की गिरावट देखी गई है आईटी बैंकिंग और मेंटल सेक्टर में ज्यादा बिकवाली भी देखने को मिल रही है।

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Gold Silver जिसे सुरक्षित निवेश कहते है उसपर भी दबाव

आमतौर पर वैश्विक तनाव होने के दौरान सुरक्षित निवेश के तौर पर सोना ही माना जाता है लेकिन इस बार सोने और चांदी दोनों के दामों में गिरावट देखी गई है। डॉलर की मजबूती और बॉन्ड यील्ड होने के कारण सोने का दबाव बना हुआ है। चांदी में भी गिरावट तेजी से देखी जा रही है क्योंकि यह एक औद्योगिक धातु है और संभावित वैश्विक मंदी के कारण इसकी मांग भी प्रभावित हो रही है।

Iran War और Oil Price का क्या है मार्केट पर असर

मध्य पूर्व देशों में बढ़ते ईरान के युद्ध के तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमत $100 प्रति बैरल के ऊपर हो गई है। भारत जैसे आयात निर्भर देश में यह स्थिति महंगाई के रिस्क को बढ़ती हुई दिखाती है। निवेश करने वाले लोगों के अनुसार महंगे तेल से कंपनियों की लागत बढ़ेगी जिससे मुनाफे पर दबाव आएगा यही कारण है कि बाजार में बड़ी बिगवाली देखने को मिल रही है।

रुपये में कमजोरी से विदेशी निवेशको की बिकवाली दिखी

रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर 93.7 से 93.9 लेवल के करीब पहुंच चुका है। विदेशी संस्थागत निवेश करने वाले लोगों ने बाजार से लगातार पूंजी निकली है जिससे दबाव और भी ज्यादा बढ़ता दिख रहा है। ब्रोकरेज रिपोर्ट के अनुसार वैश्विक अनिश्चित के कारण निवेश करने वाले लोग सुरक्षित असेट्स की ओर अपना ध्यान दे रहे हैं।

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आगे बाजार का क्या संकेत है?

बाजार में निवेश करने वाले लोगों के रिसर्चर्स अनुसार जब तक मध्य पुर्व देश के तनाव और तेल की कीमत में स्थिरता नहीं आती है तब तक बाजार में sensex nifty आदि में इसी तरह उतार-चढ़ाव बना रहेगा। हालांकि लंबी अवधि में स्थित फिर से सामान्य होने पर रिकवरी दिखाई दे सकती है। लेकिन यह पूरी तरह से वैश्विक घटना पर ही निर्भर करेगा।

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